विधवा भाभी की चुदाई की प्यास बुजाय

विधवा भाभी की चुदाई की प्यास बुजाय

हेलो, मेरी प्यारी भाभियां, आंटियां और दोस्तों को मेरा नमस्कार. मैं फिर से आपके लिए एक नई कहानी लेकर आया हूं. आपने मेरी पिछली स्टोरी में पढ़ा होगा कि मैंने किस तरह से मेरी पड़ोसन साउथ इंडियन भाभी को मजे दिए, तो पहले मैं मेरे बारे में बता दूं.

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मेरा नाम विशाल है और मैं मेरा लंड ५ इंच का है और ३ इंच मोटा है. अब ज्यादा बोर ना करते हुए स्टोरी पर आता हूं, मेरी पड़ोस में साउथ इंडियन भाभी से तो मुझे मजे मिलते ही थे जब भी उसको मन होता था वह मुझे बुला लेती थी, वैसे ही दिन बीतते गये और मुझे मालूम पड़ा कि मेरी बिल्डिंग में नीचे के फ्लोर पर एक विधवा औरत रहती थी और उसके बच्चे नहीं थे, वह मराठी विधवा औरत थी.

 

पहले तो में उस विधवा के बारे में बता दूं, वह एक ४० साल की औरत हे, उसका फिगर बहुत ही मदमस्त था, क्या मस्त बोबे थे उभरे हुए, भरी हुई जान्घे, तने हुए स्तन, एकदम सुडोल बूब्स, उनका फिगर रहेगा ३६-३४-३६ और वाइट ब्लाउज पहनती थी.

 

तो जब मैं घर से बाहर जाता था और घर आता था तो उस टाइम उसे ऑलवेज उसके फ्लैट के गेट पर खड़ा पाता था, हमारी बातचीत तो नहीं हुई थी और मेरे दिमाग में कुछ भी नहीं था उसके लिए, लेकिन उसका फिगर देखकर मजा आ जाता था.

 

उसका फेस इतना अच्छा नहीं था और स्किन लाइट ब्लैक थी. एक दिन जब मैं ऑफिस जा रहा था तो वह गेट पर खड़ी थी, मैंने उसके सामने देखा वह भी सामने देख लेती, तो मैंने उसे स्माइल दे दी और चला गया ऐसा एक हफ्ते तक चलता रहा.

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और एक दिन जब मैं शाम को घर पहुंचा तो मालूम पड़ा की बिल्डिंग में लाइट नहीं है मैं वापस बाहर जाने लगा और सोचा कि कहीं घूम के आता हूं तो लाइट भी आ जाएगी. इसी दौरान किसी ने मुझे आवाज़  आवाज दी कि सुनिए, तो मैंने पीछे देखा तो वह विधवा औरत थी, उसने मुझे पूछा कि बाहर जा रहे हो क्या? तो मैंने कहा हां.

 

तो वह बोली कि मुझे जरा हेयर आयल ला कर दोगे? क्योंकि शाम हो चुकी थी और लाइट भी नहीं है और घर में दूसरा कोई भी नहीं है मेरे अलावा. तो मैंने तुरंत पूछा कि क्या आप अकेली रहती हो? उसने हां कहा और मेरे पति कार एक्सिडेंट में मर गए.

 

और बोली कि माजे कोई नहीं (ऐसे वह मराठी में बोली) तो मैं समझ गया और कहा कि आप ऐसा क्यों सोच रहे हो? मैं हूं ना यहां और आपके ऊपर वाले फ्लैट में रहता हूं. और कभी भी कोई चीज की जरूरत पड़े मुझे बुला लेना और मैंने मेरा विजिटिंग कार्ड दे दिया.

 

बाद में मैंने उसे ही हेयर आयल ला कर दिया और हर रोज वह कुछ न कुछ मुझे लेने के लिए बोल देती थी और मैं भी बिना संकोच के उसे लाकर दे देता था. एक दिन उसने मुझे खाने के लिए बुलाया मैंने मना किया पर वह मान ही नहीं रही थी और संडे के दिन में चला गया, उसने मुझे फेमिली के बारे में पूछा तो मैंने बता दिया कि मैं अकेले रहता हूं और फैमिली गांव में हैं, और मेरी शादी भी नहीं हुई अभी तक.

 

यह उनके वो थोड़ी हंसी और बोली कि मेरा भी ऐसा ही है मैं भी अकेली हूं तो मैंने बोला कि आपको तो खाना बनाना आता है? तो आप बना कर खा लोगी, लेकिन मुझे नहीं आता है इसलिए खाने की बहुत प्रॉब्लम होता है. तो उसने मुझे तुरंत रिप्लाई दिया कि तुम शादी क्यों नहीं कर लेते?

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तो मैंने बोला कि घर वाले ढूंढ रहें हैं और अच्छी लड़की कहां मिलती है आजकल. तो उन्होंने बोला कि तुम्हें कैसी लड़की चाहिए? तो मैंने बताया कि मुझे एक घरेलू औरत चाहिए जो घर संभाल सके खाना बना सके बिल्कुल आप की तरह, यह सुनकर वह हसी और बोली की तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या? तो मैंने बताया कि नहीं मेरी आज तक कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनी.

 

मैंने पूछा कि आप केसे टाइम पास कर लेती हो? आप तो पूरा दिन अकेली रहती हो और अंकल की बहुत याद आती होगी ना? तो वह रोने लगी होगी उनको गुजरे हुए ८ साल हो गए और हमारा एक बेटा था, वह भी उनके साथ एक्सीडेंट में मर गया और मैं अकेली हूं. अभी अच्छा है कि उसने बैंक में पैसे मेरे नाम पर रखे थे तो उससे घर  चल रहा है, मैंने उसको पानी दीया और सांत्वना दी. बाद में मैं खाना खाकर जाने लगा.

 

तो उसने मुझे बोला कि तुम डेली यहां पर ही खाना खा लेना, तो मेरा मन बहल जाएगा और तुम्हारा खाने का प्रॉब्लम सोल्व हो जाएगा. तो मैं बोला कि यह सही नहीं है तो उसने बोला कि नहीं तुम यहां पर ही खाना खा लेना तो मैंने बोला कि एक शर्त पर तो उसने बोला क्या? तो मैंने बताया कि मैं खाने के पैसा दे दूंगा थाली के हिसाब से, तो उसने मना नहीं किया और बाद में मैं डेली वहां पर खाना खाने लगा.

 

कभी कभी शाम को लेट हो जाता था ऑफिस से आने में, तो मैं रात को १० बजे भाभी के घर पर पहुंचता था तो बाद में बेल बजा के आंटी को उठाना पड़ता था. तो एक दिन मैंने आंटी को बोल दिया ऑफिस में काम होने की वजह से मैं लेट हो जाता हूं, तो आप को उठाना पड़ता है और यह मुझे सही नहीं लगता. तो आप मुझे आप के फ्लैट की दे दीजिए ताकि मैं खुद दरवाजा खोलकर खाना खा लूंगा और चला जाऊंगा.

 

तो यह उनको सही लगा और उसने मुझे दूसरी एक की दे दी, और बाद में यह चलता रहा और मैं लेट होता था तो दरवाजा खोल कर खाना खा लेता था और चला जाता था और वह औरत अपने बेडरुम में सोई रहती थी.

 

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तो एक दिन जब मेन गेट होगा और उसके घर आया तो 11:30 बजने को आए थे, तो मैंने दरवाजा खोला और अंदर आया तो उसके रुम में से कुछ आवाज आ रही थी और मैं चुपके से की होल में से देखने की कोशिश की और उसे नहीं पता था कि मैं आ गया हूं, और दरवाजा लॉक था तो मैंने यह जाकर देखा तो वह  न्यूड पलंग के ऊपर सोई हुई थी और उसका हाथ नीचे के साइड कुछ हील रहा था.

 

तो मैं समझ गया कि आग लगी हुई है इस औरत में, फिर उसे शक हुआ तो उसने अपने कपड़े पहने और दरवाजा खोल कर बाहर आई, तो मैं तुरंत ही किचन में जाकर खाना गर्म करने लगा और प्लेट में लेकर खाने लगा. तो उसने पूछा कि तुम कब आए? तो मैंने बोला कि बस अभी आया तो मैंने पूछा कि आप सोई नहीं क्या अभी तक? तो उसने बोला कि नहीं.

 

तो मैंने पूछा कि सब कुछ ठीक है ना? आपकी तबीयत तो ठीक है ना? तो उसने मुझे बोला की तबीयत तो सही है लेकिन जो सही रहना चाहिए वह नहीं है. तो मैंने बोला कि क्या? तो उसने बोला कि तुम्हारी शादी नहीं हुई तो तुम नहीं समझोगे. तो मैंने बोला कि बताइए ना अभी, वह सही है कि मेरी शादी नहीं हुई लेकिन मुझे सब पता है.

 

मैंने मौके का फायदा उठा के चौका मारा और यह सुनकर वह बोली कि एक औरत को क्या चाहिए एक मर्द से वह तुम समझ रहे होगे, तो मैंने भाभी को बोला कि आपकी बात सही है और मैं समझ सकता हूं, आप ८ साल से अकेली हो, लेकिन आप टेंशन मत लो मैं हूं ना आपके साथ.

यह सुनकर वह हंसी और बोली कि यह सब गलत है तो मैंने उसे समझाया कि आपको जो चाहिए वह मेरे पास है लेकिन आप क्या कभी दोबारा शादी करने वाली हो. क्या तो उसने मुझे मना किया कि अब शादी नहीं करूंगी. तो मैंने बोला कि तो फिर कुछ गलत नहीं है, क्योंकि मुझे जो चाहिए वह आपके पास है और आपको जो चाहिए वो मेरे पास है.

मैं यहां रोज आता हूं आपको भरोसा रखना पड़ेगा, तो वह बोली कि मुझे तुम पर भरोसा है क्योंकि तुम डेली यहां पर आते हो लेकिन कभी मुझे छुआ तक नहीं और मैं घर में अकेली थी फिर भी नहीं, यह सुनकर मैं उसके पास गया और मैंने उसे गले से लगा लिया और वह भी मेरे गले से लग गई. और मैंने उसे किस करना चालू किया तो उसने मुझे बोला कि तुम पहले खाना खा लो बाद में सब करेंगे.

तो मैंने फटाफट खाना खा लिया और तुरंत उसके कमरे में गया और दरवाजा लॉक किया. और उसे बेड़ पर बैठी हुई देखकर मेरा लंड तो कड़क हो गया था, उसने लंड को देख लिया था और उसने अपनी नजर लंड पर घुमाई. बाद मैं उसके पास गया और मेरा शर्ट के बटन खोल दिए और उसके सामने देखने लगा.

तो उसने मेरे सामने देखा और शर्मा कर अपना फेस नीचे कर दिया तो मैंने अपनी पैंट भी उतार दी और उस को दोनों हाथों से पकड़ कर बेड पर सुलाया और उसके ऊपर चढ़ कर उसके चेहरे पर चुमने लगा और उसने उसकी आंखें बंद कर ली.

पर मैं मैंने उसकी साडी खिंची और कोने में फेंक दी, उसके बाद मैंने उसका ब्लाउज भी  निकालने लगा और उसको निकालने के कोने में फेंक दिया. बाद में उसकी ब्रा भी निकाल कर फेंक दी. तो उसने उसके हाथों से उसके स्तनों से ढक दिया और शर्मा के नीचे देखने लगी. तो मैंने उसका सर ऊपर किया और उसे चुमा और उसके बाद उसके दोनों हाथों को हटाया और उसको पूछा कि अगर आप अनुमति दें तो क्या मैं इसे प्यार कर सकता हूं, मैं मसल सकता हूं?

तो वह बोली कि तुम कुछ भी कर सकते हो इसके साथ, क्योंकि आज से यह तुम्हारे लिए है. पीछले ८ साल से इसने मर्द का स्पर्श नहीं जेला, तुम इस को मसल दो तो मैंने तुरंत ही एक स्तन को मुंह में लीया और दूसरे को हाथ से दबाने लगा. इससे उसके मुंह से अहह निकलने लगी और वह मराठी लैंग्वेज में बोल ने लगी आई गग आई गग.

मैंने उसका घाघरे का नाड़ा खोला डाला और उसकी चड्डी भी उतार दी, और मैंने भी मेरा अंडरवीयर निकाल दिया. अब हम दोनों पूरे नंगे थे और एक दूसरे की बाहों में खो गए थे. और मैंने उसको किस करना चालू किया था, बाद में मैंने उसको मेरी जांघ घर पर उल्टा बिठाया और मैं पीछे से उसके स्तनों को मसलने लगा और एक हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा, और वह पीछे मुड़कर मुझे किस करने लगी.

क्या बताऊं यारो क्या मजा आ रहा था? बाद में मैंने १५ मिनट तक करने के बाद उसको मेरा लंड चूसने को बोला, तो पहले तो उसने मना किया. लेकिन बाद में मान गई और मैंने 5 मिनट लंड चुसवाया और उसके बाद मैंने भी उसकी चूत को चूसा और वह दो बार जड गई. बाद में मैंने उसको सीधा लेटाया और उसके पैर फैलाये और उसके ऊपर आ गया और जोर का धक्का लगाया तो मेरा लंड उसके पैरों को चीरता हुआ अंदर तक चला गया, और उसके मुंह से अह्ह्ह निकल गया, उसने कहां मर गई और मैंरे सीने को दोनों हाथों से पकड़ लिया और मैंने फिर से धक्का लगाया और फिर वह बोली आह्ह..

उसके बाद में रुका नहीं और मैंने धक्के लगाना  चालू कर दीए और उसने भी हर धक्के पर आवाज निकालना चालू रखा. मैं उसके स्तन को दांतों से काटता और एक हाथ से दूसरे स्तन को मसल देता था, और मैंने धक्को की स्पीड बढ़ा दी और वह भी हर धक्के पर मुझे और मेरी गांड को जोर से पकड़ कर मसलती थी.

बाद में करीबन १५ मिनट की चुदाई के बाद मैंने उसे मेरे ऊपर लिया और उसने भी समझदारी दिखा कर मेरे ऊपर आ कर उसके स्तनों को मेरे मुंह से दबा दिया और आह्ह ओह्ह हहह ओह हाहा उऔऔ हह करते रहो और चुसो करने लगी. मैंने लंड को चूत में डाला और फिर से चुदाई करने लगा, इस दौरान वह जड चुकी थी लेकिन मैं नहीं जडा था.

तो मैंने फिर से पोजीशन चेंज की उसको सुलाया और उसके पीछे आ के पीछे से लंड चूत में डाला और उसके स्तनों को मालिश करने लगा और स्तनों को जोर से पकड़ कर शॉट मारने लगा, उसी दौरान उसकी आह निकल जाती और बहुत मजा आता था और आखिर में चड गया उसकी चूत में.

बाद में उस रात हमने २ बार चुदाई की और यह सिलसिला चलता रहा और आजू बाजू वालों को शक न हो इसीलिए हम रात को ही चुदाई करते थे.

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