भाभी की चुदाई पार्क में

भाभी की चुदाई पार्क में

हेलो दोस्तों मैं एक बार फिर से हाजिर हूं अपनी नई कहानी लेकर. मैं आप सभी रीडर्स का काफी धन्यवाद करता हूं. मैं रीना भाभी की कई फ्रेंड के साथ चुदाई कर चुका हूं और उनमें से कुछ फ्रेंड ने तो मुझे उनकी फ्रेंड की भी सेवा करने का मौका दिया.

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एक दिन मैं अपनी बिल्डिंग के नीचे लिफ्ट का वेट कर रहा था करीब १० मिनट तक लिफ्ट नीचे नहीं आई, इसी बीच बिल्डिंग के ही ७-८ लोग लिफ्ट के पास आ गए.

 

फिर किसी ने सुक्युरिटी वाले को बुलाकर लिफ्ट चालू करवाई, हम ७-८ लोग एक साथ में ही लिफ्ट में बैठ गए क्योंकि सब लोग करीब १०-१५ मिनट से नीचे खड़े थे.

 

लिफ्ट में अब काफी भीड़ थी. मैंने देखा कि हमारे टॉप फ्लोर वाली भाभी (स्वाति भाभी) थी हमारी लिफ्ट में थी. उनके बारे में बताता हूं. उनका फिगर ३८-२८-४० का होगा.

 

उसका हबी कहीं बाहर जॉब करता था और मैंने कभी सुना था कि वह काफी मॉडर्न टाइप की औरत है. और अक्सर उसका देवर उसके साथ होता था. वह भी मेरा फ्रेंड था मैं काफी उनके घर जाता था. भाभी बता रही थी कि वह अपने देवर से चुदवाती है.

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लिफ्ट में ज्यादा भीड़ होने की वजह से हम लोग काफी नजदीक खड़े थे. मैंने सोचा क्यों ना इस भीड़ में मजा लिया जाए. मैं धीरे से और थोड़ा पीछे सरक गया तो स्वाति भाभी भी सरक कर थोड़ा आगे आ गई.

 

कुछ देर बाद लीफ्ट खड़ी रही, तो मैं जान बूझ कर स्वाति की गांड के पीछे अपना लंड टिका दिया. कुछ सेकंड तक वैसे ही खड़ी रही फिर कुछ आगे हो गई.

 

उसकी गांड की टच से मेरा लंड खड़ा हो गया. मैं कुछ देर तक ऐसे ही खड़ा रहा और उसने भी गांड नहीं हटाई. कुछ देर बाद मेरा फ्लोर आ गया और लिफ्ट रुकी तो मैं अपना हाथ उसकी गांड पर फिरके निकल गया.

 

लिफ्ट का दरवाजा बंद करते टाइम मेरा पूरा ध्यान उनके ऊपर ही था. और वह भी मुझे काफी चुदाई भरी नजरों से देख रही थी.

 

मुझे पता था वह शाम को पार्क में चलने जाती है. मैं दूसरे दिन शाम को पार्क के गेट पर ही खड़ा रहा. वह करीब आधे घंटे बाद अपने देवर के साथ आई. क्योंकि उसका देवर मेरा फ्रेंड है तो मुझे देखकर बोला अरे यार तुम्हे तो यहां  कभी नहीं देखा.

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तो मैंने कहा नहीं यार मैं मॉर्निंग में आता हूं आज मॉर्निंग में नहीं आ पाया इसलिए अभी आया. मुझे देखकर स्वाति भाभी के फेस पर सेक्सी स्माइल थी. मुझे स्वाति ने बोला क्यों आप घर पर नहीं आते, मैंने कहा भाभी ज्यादा बिजी रहता हूं इसलिए टाइम नहीं मिलता है.

 

तो स्वाति बोली तो चलो खड़े क्यों हो वोक करते हैं. मैंने कहा नहीं भाभी मैं घर जा रहा हूं. मैंने वोक कर ली है. उसी बीच विशाल जो स्वाति का देवर है उसका फोन बजा और वह जल्दी जल्दी में किसी से बात कर रहा था.

 

थोड़ी देर बाद बोला भाभी हमें घर जाना पड़ेगा मैंने मेरे सर से कुछ बुक्स मंगवाई थी वह लेनी है और वह मुझे अभी बुला रहे हैं. विशाल ने मुझे कहा एक काम करो तुम कुछ देर यहां वेट करो और भाभी की जोगिंग खत्म हो जाए तो तुम उनको घर ले आना. काफी अंधेरा हो गया है और ठंड भी है.

इतना कहकर वह वहां से चला गया तो मैं और अकेले थे स्वाति बोली देखो तुम्हारा दोस्त मुझे तुम्हारे साथ छोड़ कर गया है. अब तुम्हारी रिस्पांसिबिलिटी है कि तुम मुझे सही सलामत मेरे घर पे छोड़ दो.

 

अब हम बात कर रहे थे पर बात करते करते पार्क के अंदर गए. काफी अंधेरा हो चुका था. तो कुछ ही लोग वोक कर रहे थे. भाभी ने मुजसे पूछा कल लिफ्ट में आपने मेरे साथ क्या किया?|

 

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अपने दोस्त की भाभी के साथ ऐसा करता है क्या? मैंने कहा मैंने कुछ नहीं किया जो भी हुआ भीड़ के कारण हुआ उसमें मेरी और मेरे भाई की कोई गलती नहीं हे.

 

ऐसा सुनकर वह जोर जोर से हंसने लगी, मैंने कहा आप को देख कर कोई भी आपके पीछे पागल हो जाएगा. इतना कहकर मैंने उनका हाथ पकड़ लिया, और अपने लंड  पर रख दिया.

.अपने हाथ छुडाते बोली पागल  है क्या? हमें कोई देख लेगा. मैंने कहा भाभी इतनी ठंड है और अंधेरा भी है और पार्क में भी कुछ ही लोग हैं, क्यों डरते हो? |

 

इतनी देर में ही हमारे पास से एक कपल वोक करते हुए निकला, तो स्वाति बोली देखा सोचो अगर कोई पहचान वाला होता प्रॉब्लम होती ना. में यहाँ रोज आती हूं काफी लोग अपनी बिल्डिंग के यहां आते हैं.

 

मैंने कहा था अभी प्लीज मैं कल से दो बार आपका नाम लेकर अपना पानी निकाल चुका हूं. तो वह बोली क्या मैं आपको इतना पसंद हूं? मैंने कहा अगर आप कोने में आए तो बताउ आप मुझे कितनी पसंद हो.

 

मैंने कहा भाभी वह दूर जो पेड़ है वहां चलते हैं, वहां पर कोई नहीं आएगा. उसने आजूबाजू देखकर बोला तुम जाओ मैं आती हूं.

 

में तेजी से दौड़ कर वह पेड़ को पीछे छुप गया.  ताकि कोई मुझे देख ना ले. स्वाति भी पीछे पीछे आ गई. वहां पर काफी अंधेरा था, जैसे ही वह पीछे आयी में उन पर टूट पड़ा. हम एक दूसरे को बेतहाशा किस करने लगे.

 

वह भी काफी भूखी थी. उसकी टी शर्ट ऊपर कर के उसके बोबे को काटने लगा. उसने भी मेरी पैंट में हाथ डालकर लंड हिलाने लगी. मेने उसे उल्टा करके उसकी पेंट निकालनि चाही तो उसने मना कर दिया,|

 

और बोली यहां नहीं प्लीज़, मैंने कहा भाभी अब सहन नहीं हो रहा है तो वह घुटने पर बैठ गई और मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया, में भी उसका सर पकड़ कर अंदर बहर करने लगा. वह बोली जल्दी करो कोई आ जायेगा.

 

अब मेरा निकलने वाला था तो मेने अपना लंड बहार निकाल कर हिलाने लगा तो उसने वापिस मुह में ले लिया और जोर जोर से अपना सर हिलाने लगी, कुछ सेकण्ड में मेरे लंड से पानी की तेज धार निकली|

 

और स्वाति भाभी का मुह भर गया, और वह ऐसा ही उठकर दौड़ कर वहा से भागी और जहा पर लोग वोक कर रहे थे वहा पे आकर खड़ी हो गयी, और मेरा इंतजार करने लगी.

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