मेरी पडोसन रिटा आंटी की चुदाई

 

हेलो दोस्तों मैं आशीष रायपुर से हूं आप सब को अपना पहला चुदाई का एक्सपीरियंस बताने जा रहा हूं कि कैसे मैंने अपने पड़ोस की आंटी को मस्ती के साथ चोदा.

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मेरी उम्र 21 साल है और मेरी यह कहानी सेक्स स्टोरीज में 6 साल पहले की है जब मैं 10 क्लास में बोर्ड एग्जाम क्लियर करके समर वेकेशन एंजॉय कर रहा था.

स्टोरी यह है कि आंटी अपने हस्बैंड और बेटी जो मुझसे 5 साल बड़ी थी उसके साथ हमारे पड़ोस में घर  रेंट पर लेकर रहती थी. अंकल दिल्ली जॉब पर जाते और रात 10:30 बजे तक वापस आते और उनकी बेटी इंजीनियरिंग कर रही थी.

वह भी शाम को 6:30 बजे तक आती थी जिसके कारण वह आंटी पूरा दिन घर पर एकदम अकेली रहती थी इसीलिए अपना टाइम पास कर ने के लिए वह अपने पहचान वालो के के घर पर चली जाती या उन्हें अपने घर पर बुला लेती.

वह आंटी घर पर हमेशा सलवार सूट पहनती थी और रोज सुबह ११ बजे के  आस पास घर का आंगन धोती थी बिना दुपट्टा लिए, जिससे उनके 36 साइज के बूब्स  बाहर निकल आते थे.

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दोस्तों आंटी के बोबे का ऐसा व्यू  तो किसी का भी लंड  खड़ा करके तंबू बनवा दें. हमारे घरों की बाउंड्री वाल छोटे थे तो मैं कुद कर आसानी से आना जाना कर सकता था.

में वहीं वॉल पर बैठकर आंटी के बूब्स घूरता रहता था और में रोज ऐसा करता था और उसकी वजह से आंटी ने भी यह नोटिस कर लिया था, लेकिन कभी कोई रिएक्शन नहीं देती थी, वह मुझे कुछ भी नहीं बोलती थी, बस मुस्कुरा देती थी ऐसे ही दिन बीत रहे थे.

फिर एक दिन मुझे आंटी को चोदने का मौका मिल ही गया. तब गर्मी का मौसम था तो और तब में जून का मंथ था तो आंटी रोज शाम को ७ बजे के करीब नहाती थी. उनका बाथरूम हमारी दीवार से लगा हुआ था.

तो मैं शावर से पानी के गिरने की आवाज सुनता था लेकिन दीदी तब तक घर आ जाती थी.

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तो मैं ऐसे ही रोज मेरे मन को मार के रह जाता था. लेकिन एक शाम को दीदी उसके कॉलेज फ्रेंड के साथ मूवी देखने चली गई और आंटी घर पर तिन चार घंटो के लिए अकेली थी.

तो मैं मौका देख कर दीवार कूद कर आंटी के घर में घुस गया और अंदर जो दूसरा बाथरूम था वहां पर एक खीड़की थी जो खुली हुई थी तो मैं वही खड़े होकर अंदर देखा तो आंटी रूम में नहीं थी और फिर बाथ रुम से शोवर की आवाज आई.

मैं समझ गया कि आंटी अंदर नहा रही थी तो मैंने उनके बाहर आने का इंतजार करने लगा.

फिर आंटी भी थोड़ी देर में बाहर आई उन्होंने कमर के नीचे पेटिकोट बांधा हुआ था ऊपर कुछ नहीं पहना था. उनके बड़े बड़े बूबे और ब्राउन कलर की निपल क्या मस्त ज्युसी लग रहे थे. मैं वही खड़ा हुआ सूखे पत्ते की तरह शिवर कर रहा था.

क्योंकि इतनी कम उम्र में कोई आंटी को ऐसे नंगे देख रहा था और उसके ऊपर आंटी की मस्त थूलथूली गांड मेरे सामने थी और आंटी का पेटीकोट काफी लूज बंधा हुआ था इतना लूज की हल्का सा झटका दो और पेटिकोट खुल जाए.

आंटी की गांड की लाइन क्लियरली मुझे उसके पेटीकोट में से दिखाई दे रही थी, यह सब देख कर मेरी तो हालत खराब होती जा रही थी.

फिर आंटी ड्रेसिंग टेबल पर खड़े होकर अपने आप को ठीक कर रही थी फिर उन्होंने अपने बूब्स को प्रेस करना चालू कर दिया. मैं तो यह देख कर हक्का बक्का खड़ा होकर यह नजारा देख रहा था और मुझे समज आ गया की आंटी भी सेक्स की भूखी है.

मैं वही अपना लंड पकड़ कर मसलने लगा. फिर आंटी ने अपने पेटिकोट को टाइट किया और अलमारी खोल कर अपना गाउन बाहर निकाल दिया.

और जब उन्होंने अलमारी बंद की तो आईने में मुझे देख लिया और जैसे तैसे कर के अपने आपको ऊपर से कवर कर लिया और पलटकर मुझसे बोली कि मैं यहां खिड़की पर खड़ा होकर क्या देख रहा था? तो मेरी डर के कारण गांड फट के  चार हो गई थी.

तब मैंने उनसे सॉरी बोला और यह कहा कि आगे से ऐसा कुछ नहीं करूंगा. और वहां से जाने लगा तो आंटी ने मुझे रोका और बोला कि अंदर आ मैं तेरे को कुछ समझाना चाहती हूं.

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फिर आंटी ने सामने वाले रूम का  दरवाजा खोला और मुझे अंदर उसी बेडरूम में ले गई क्योंकि दो  ही तो रूम थे. बाद में हम दोनों वही बेड पर बैठ गए और आंटी अपने बाल सुखाने लगी. मैं बस यूं ही बैठा हुआ उनके बूब्स को घूरे जा रहा था की आंटी ने देख लिया..

और वह मुझे बोली देव क्या देख रहा है इतने क्या तुझे मेरे मम्मे पसंद आ गए हैं जो तेरी नजर ही नहीं हट रही है इनके ऊपर से (मेरा निक नेम देव है) मैं एकदम शौकीगली  आंटी को देख रहा था.

तो वह बोली इतना शौक मत हो, मैं सब जानती हूं कि तेरे दिमाग में क्या खिचड़ी पकती है जब तू सुबह मुझे आंगन धोते वक्त घूरता रहता है. मैं जानती हूं कि तु मेरे बारे में क्या क्या ख्याली पुलाव पकाता रहता है.

मैं बोला आंटी में भी क्या करूं आप के बूबे इतने मस्त है कि मैं मदमस्त हो जाता हूं. आप के बूब्स इतने बड़े हैं और आपकी गांड तो ओह माय गॉड क्या गांड है? मैं भी अब खुल कर सब शर्म छोड़ कर खुल कर बात करने लगा.

मैंने बोला आंटी आप के बोबे जीतने बड़े बोबे मेने किसी और के नहीं देखे हे. आप बहुत सेक्सी हो आंटी इतना सुन कर बोली अच्छा मैं तुझे सेक्सी लगती हु.

और क्या क्या अच्छा लगता है तेरे को मुझ में? और तेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या? जो मुझ पर इतना फिदा हुआ जा रहा है? तो मैं बोला आंटी आपके जैसी कोई और नहीं देखी.

मैंने कहा आप के बोबे और आपका यह गठीला बदन और कहां वह दुबली पतली 32 के बूब्स वाली लड़कियां? आपका तो स्टैंडर्ड ही अलग है. आंटी बोली चल हट तू कितना कमीना और बेशरम है. फिर आंटी बोली तू मेरे बूब्स अभी देख चुका है ना.

फिर से देखना चाहता है क्या? तो मैं बस आंटी की बात सुनी और उन को बेड पर लेटा कर उनके बोबे दबाने लगा आंटी का गाउन काफी लूज था |

और उन्होंने ब्रा भी नहीं पहनी थी शायद वह मुझसे चुदना चाहती थी जो कि अब मैं करने वाला था. तो मैंने आंटी के बूब्स को गाउन से बाहर निकाल लिया और उन्हें मस्ती के साथ चूसने लगा और जोर जोर से दबा रहा था.

फिर मैं आंटी के लिप्स पर किस करने लग गया और वह भी पूरा पूरा साथ दे रही थी और हम दोनों किस ने बिल्कुल खो गए थे. किस करते करते मैंने आंटी का गाउन पूरा ऊपर कमर तक उठा दिया, और उनके पेटिकोट की रस्सी खोल कर लूज कर दिया और अपने दाहिने हाथ से उनके पेटिकोट को उतार दिया.

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और उनकी खुली हुई चूत को मसलने लगा और उसे सहलाने लगा और वह भी अब सेक्सी आवाजें आह्ह ओह्ह अह्ह्ह ओह्ह अह्ह्ह ओह्ह आयी अम्म्म एस बस्स अम्म्म निकाल रही थी वह मुझे किस करती जा रही थी.

हम दोनों अब भी बहुत जोर जोर से किस कर रहे थे और आंटी ने अपने दोनों घुटने मोड़ लिया और बेड पर दोनों घुटने तेजी से ऑर्गेज्म होने के कारण पटकने लगी, और बुरी तरह तड़प रही थी. मेरे हाथों का जादू उनको बहुत जबरदस्त वाला आर्गेज्म दे रहा था.

आंटी पूरी तरह से गर्म और होर्नी फील कर रही थी. मैं उनकी चूत को रगड़े जा रहा था मसलता जा रहा था और आंटी जोर जोर से मोंन कर रही थी और फिर ऐसे ही 15 मिनट के बाद आंटी ने अपना सारा पानी तीन धार मार कर छोड़ दिया.

फिर मैंने अपनी शर्ट और पेंट उतारी. मैं अंडरवेअर नहीं पहनता हूं आज भी तो तुरंत पूरा नंगा हो गया. और मेरा लंड पूरा 6 इंच लंबा खड़ा हो चुका था. आंटी ने मेरा लंड  हाथ से पकड़ा और आगे पीछे करने लगी. मेरे मेरे लंड के टोपे को अपने लिप्स से किस करने लगी और अपनी जीभ फेरने लगी क्या बताऊं यार मैं तो जन्नत की सैर कर रहा था.

फिर आंटी ने पूरा लंड अपने मुंह में भर लिया और अच्छे से लॉलीपॉप की तरह मजे से चूस रही थी. उसने अपने बाल बांध लिये थे फिर मैंने आंटी को बोला कि मुझे उनकी चूत चाटनी है. तो वह मेरे नीचे लेट गई और हम 69 पोजीशन में आ गए. उनके घुटने मुड़े हुए थे तो मैं और इसीलिए में आसानी से उनकी चूत को चूस पा रहा था चाट रहा था और आंटी ने मेरा खड़ा लंड अपने हाथ से पकड़ा और एक हाथ से मेरी गांड को पकड़ा और अपने मुंह पर लंड को सेट किया अच्छे से चूसना शुरू कर दिया.

हम दोनों  चूत और लंड की चुदाई में मग्न हो गए थे. पूरा रूम पच पच पच चूस चूस की आवाज से भर गया था. हम दोनों के मुंह में ढेर सारा थूक भर गया था. आंटी और मैं इस 10 मिनट की चुसाई में झड़ गए, फिर हमने पोजीशन चेंज की और मैं आंटी के घुटनों के बीच आ गया, और अपने राइट हैंड की उंगलियों से आंटी की चूत को अंदर तक खोला और अपनी जीभ पूरी अंदर डाल दिया और चाटने लगा. आंटी की क्लिट चूसने लगा.

पूरी चूत को अच्छे से अपनी जीभ से चूस चूस कर चाट चाट कर लाल कर दिया आंटी की चीखें रुक नहीं रही थी. वह बहुत जोर जोर से मोन कर रही थी. फिर मैंने ज्यादा वेट नहीं किया और अपना चिकना मोटा लंबा लोड़ा आंटी की चूत में एकदम धीरे से अंदर डाल दिया जैसा पोर्न मूवी में करते हैं मैं बहुत देखता था तो पता था कि पहली बार में एक दम आराम से अंदर डालते हैं.

फिर मैं लंड को अंदर बाहर करने लगा और धीरे धीरे अपनी स्पीड बढ़ा दी. आंटी को तो दर्द के मारे बहुत बुरा हाल था काफी  टाइम हो चुका था उन्हें ऐसा लंड लिये हुए. क्योंकि उनके पति को टाइम ही नहीं मिलता था बेटी भी बड़ी हो गई थी और घर में रूम भी दो ही थे तो चुदाई पॉसिबल नहीं थी. इस वजह से आंटी को चुदाई के लिए बहुत ही ज्यादा खुशी थी और मैं उनकी भूख को शांत कर रहा था और उसे बहुत मजा आ रहा था वह अपनी चुदाई से बहुत खुश हो रही थी.

हमारी बहुत ही जबरदस्त चुदाई चल रही थी हम दोनों के बीच. ऐसे बिना होशओ हवस के हम चुदाई कर रहे थे और आंटी आह्हो हह अह्हो हह उम्म्म अहह ओह्ह येस्स बेबी आघ्ह ओह्ह अह्ह्ह ओह्ह येस्स बस्स की आवाज बहुत ही सेक्सी लग रही थी और जोर जोर से आवाज निकाल रही थी.

इसी तरह चुदाई करते करते 1 घंटे से ज्यादा हो चुका था फिर मैं और आंटी हम दोनों ही जड़ने वाले थे तो मैंने आंटी को पूछा अपना पानी चूत में डालूं या नहीं तो उन्होंने अंदर डालने को बोला और हम दोनों ही जोर की चीख मार कर जड गये इससे पहले आंटी तीन बार और जड़ चुकी थी. यह मेरा पहली बार था और मैं इतना देर तक टिका रहा और आंटी को ताबड़तोड़ चोदा जो आंटी के लिए हैरान करने वाली बात थी.

फिर आंटी और मैं बेड पर थक कर लेट गए और मैं आंटी के पुरे नंगे जिस्म पर अपना हाथ फेरने लगा और तभी उसके बूब्स दबाता कभी चूत सहलाता और बीच बीच में किस भी कर रहा था, इसे आफ्टर सेक्स सेटिस्फेक्शन कहते हैं.

फिर हम दोनों उठे और बाथरुम में जाकर एक दूसरे को अच्छे से रगड़ कर साबुन से और शेम्पू से नहलाया और चुदाई  के दो राउंड और किए. मेने आंटी को कुतिया  बनाया और पीछे से उनकी ठुकाई की.

हम दोनों ने नहाने के बाद कपड़े पहने. मेने आंटी को लास्ट टाइम किस किया उनके ब्रूस को प्रेस किया और फिर अपने घर चला गया, क्योंकि मैं अपने घर यह बोलकर निकला था कि मैं अपने दोस्त के घर जा रहा हूं और हमें वहां जाकर पढ़ाई करनी है.

फिर बारहवीं क्लास तक मेरा और आंटी का यह चुदाई कांड चलता रहा हमारी इस चुदाई के बारे में दीदी को पता चल गया था, लेकिन आंटी ने सिचुएशन हैंडल की और दीदी की भी चूत का बाजा बजाने में मेरी मदद की.

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