सोनाली की जिस्म की जवानी भाग-२

सोनाली : अच्छा? बड़े ऊँचे ख्याल है आपके? सपना मत देखो मुझे नींद आ रही है, बस तुम मेरे बगल मे लेट जाओ तो मुझे अकेला नहीं लगेगा।फिर में और वो एक दूसरे को आँखों मे देखकर लेट गये, लेकिन अभी तक हमने एक दूसरे को पकड़ा नहीं था।

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सोनाली : ऐसे क्या देख रहे हो साजिद? इरादा क्या है?

साजिद : सोच रहा हूँ कि पिछले तीन महीने से जिस बदन को अपने अगल बगल महसूस करता आया हूँ तो क्या उसे में आज महसूस कर सकता हूँ?

सोनाली : अगर तुम मेरे शरीर को उसकी इज़्ज़त और ज़रूरत दे सको तो तुम उसे महसूस कर सकते हो।

ये सुनते ही दोस्तों मेरी तो सांस ही अटक गई, लेकिन एक बात हमें याद रखना चाहिये कि आप एक लड़की के जिस्म को हैवान बनकर पा तो सकते हो, लेकिन उसके जिस्म के असली नशे को पीने के |

लिए उसका मन और इज़्ज़त दोनों आपको पाना पड़ेगा, जैसे ही उसने मुझे ये हक़ दिया तो मैंने प्यार से उसे अपनी बाहों मे भरते हुए उसे अपने ऊपर खींच लिया और उसकी साँसों को महसूस में आराम से कर पा रहा था।

सोनाली : ओह जान, आई लव यू, कहा था ना कि सही वक़्त आने दो तब आई लव यू कहूँगी तो आज ही है वो सही वक़्त है जान, आई लव यू और मेरे बदन को तुम्हारी ज़रूरत है।

दोस्तों उसका बदन एक मखमल के कपड़े के जैसा था और हाथ लगते ही वो फिसल जाता था। फिर मैंने अपने एक हाथ को उसकी गांड पर रख दिया और उसे ज़ोर से दबाने लगा।

 

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उसके मुँह से जोर से सासें आ रही थी तो वो इतनी प्यारी थी।

 

फिर मैंने अपने होठों को उसके लिप्स पर जोड़ दिया और हम एक दूसरे के लिप्स को चूस रहे थे।

फिर मैंने जोश मे उसकी स्कर्ट को फाड़ डाला और उसके चूतड़ पर एक जोरदार थप्पड़ मारा और जैसे ही मैंने ये किया तो उसने मेरे लिप्स को काट डाला और मेरे लिप्स से खून आने लगा।

साजिद : जान, आराम से और अभी तो शुरुवात है।

सोनाली : आप भी आराम से जान, अगर मारना ही है तो मेरी चूत को ज़ोर से मारो ना, कब से ये तुम्हारा लंड लेने को बेताब है।

मेरी फूली हुई गांड को क्यों सज़ा दे रहे हो? ये सुनते ही मैंने उसे बेड पर ही उठाया और उसकी टी-शर्ट उतार डाली। उसने भी देर ना करते हुए मेरी टी-शर्ट फाड़ डाली और मेरे लोवर का नाड़ा खोलने लगी।

अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी मे थी, क्या लग रही थी दोस्तों उफफफफफफ्फ़ बता नहीं सकता और अब में उसके पीछे आ गया और उसकी ब्रा के हुक को धीरे धीरे खोलने लगा, उस वक़्त उसके बदन मे जो हलचल हो रही थी तो वो एकदम जानलेवा थी।

उसके शरीर मे सिहरन हो रही थी और वो आआहह जान जैसे बुदबुदा रही थी।

 

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फिर मैंने उसकी ब्रा को हटाया और पीछे से उसे अपने से चिपकाते हुए उसकी चूचियों को अपने दोनों हाथों मे भरकर दबाने लगा। दोस्तों में लिख तो सकता हूँ, लेकिन एहसास नहीं बता सकता और फिर वो तेज़ी के साथ आगे मुड़कर मुझसे लिपट गयी और कहने लगी..

सोनाली : अब मत तड़पाओ ना जान फक मी प्लीज़ फक मी बहुत गुदगुदी हो रही है चूत में और कहते कहते उसने अपनी पेंटी खुद ही निकाल डाली |

और मेरे लोवर को भी हटा डाला और वो आँख बंद करके मुस्कुरा रही थी और मैंने उसे बेड पर गिरा डाला और मैंने अपना मुँह उसकी चूत की तरफ बढाया, क्या खुशबू थी और पूरी गीली और फूली हुई थी, थोड़े थोड़े बाल भी थे।

दोस्तों हमारे बीच सब कुछ अचानक से हो गया तो शायद उसे भी हटाने का मौका नहीं मिला, लेकिन कभी कभी बाल होना भी अच्छा लगता है।

फिर मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया और वो ऐसे तड़पने लगी जैसे किसी को बहुत लग गई हो और एक पल के लिए तो में भी डर गया और मैंने पूछा, आर यू ऑलराइट? तो उसने कहा कि हाँ बस एक नयी अजीब सी बेचैनी है जो और बढ़ाना चाहती हूँ।

फिर मैंने कहा कि हाँ जान आज तुम्हे वो दर्द देता हूँ। हम इतने पागल हो चुके थे कि लंड चुसवाने का टाईम ही नहीं मिला। दोस्तों अगर प्यार मे आप सेक्स करे तो ये आपको अच्छा भी नहीं लगेगा कि वो आपका लंड चूसे।

अभी तक हमारे बीच 20 से 25 मिनिट बीत चुके थे और हम दोनों के लिए बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया था और में भी पहले जोश के रस को बर्बाद नहीं करना चाहता था।

फिर मैंने उसे डॉगी पोज़िशन मे बैठाया और अपने लंड को अपने थूक मे मिलाने लगा, वो इतनी पागल हो गयी थी |

कि अपने एक हाथ से वो खुद की चुदाई का फोटो खींच रही थी।

फिर मैंने पूछा कि ये क्या कर रही हो सोनाली तो उसने कहा कि मेरे पहले प्यार की यादों में नहीं खोना चाहती तो में उसके पागलपन को देखकर हंसने लगा, इतनी देर में वो मुझसे अपनी चुदाई की भीख माँगने लगी।

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मैंने भी उसकी कुंवारी चूत के छेद को ढूंढ लिया था |

और वहां पहले अपने थूक और उसकी चूत के पानी से गीला कर रहा था और अब वो और मस्ती मे आ चुकी थी, उसकी आँखें बंद थी और में अपने एक हाथ से अपने लंड को सहला रहा था।

फिर एक हाथ की ऊँगली से उसकी चूत को चोद रहा था और जब मुझे उसकी चूत अब चुदने के लायक लगने लगी तो मैंने सीधा अपना लंड उसकी चूत मे उतार दिया, अभी तो लंड का सूपड़ा ही गया था कि वो तड़प गयी और वो मदहोशी मे गिड़गिड़ाने लगी।

सोनाली : मत रूको साजिद जाने दो, आज तो मौत भी हसीन लग रही है और ये सुनते ही मैंने एक झटके मे सारा का सारा लंड उसकी चूत मे उतार डाला |

और उस समय जो में महसूस कर रहा था तो वो आप कभी नहीं समझ पाएंगे जब तक आप खुद ना उसे महसूस कर ले, अब हमारी चुदाई शुरू हो गयी थी तो पहले उसे भी दर्द हो रहा था|

और लंड भी सही से नहीं जा रहा था, लेकिन कुछ देर के बाद पूरा रास्ता साफ हो गया और चुदाई का खेल पूरे ज़ोर से होने लगा।

में झटके पर झटके मार रहा था और वो फक मी बेबी, ऑश यअहह फक मी जान कह रही थी।

फिर 10 मिनिट की चुदाई के बाद मे वो झड़ गयी और जब वो झड़ रही थी तो उसका बदन देखने लायक था, पूरे शरीर मे कम्पन सा हो रहा था और वो बँधी हुई शेरनी की तरह छटपटा रही थी।

अब वो निढाल होकर बेड पर लेटी हुई थी और में भी अब बस झड़ने ही वाला था और में तो अपनी पूरी स्पीड में आ गया, क्योंकी मेरे पास कोई कन्डोम नहीं था तो में कोई भी रिस्क नहीं लेने वाला था और ये बात उसे भी पता थी।

फिर जैसे ही मैंने इशारा किया तो वो अपना मुँह खोलकर बेड पर लेट गयी और फिर मैंने अपने लंड को तेज़ी से उसके मुँह मे डाल दिया |

और कुछ सेकेंड के अंदर में उसके मुँह मे ही झड़ गया, में तो जैसे जन्नत मे था और वो मुस्कुराते हुए सारे वीर्य को चट कर गयी और हम एक दूसरे को गले लगाकर सो गये ।।

धन्यवाद …

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