घर में अकेली अदिति की चुदाई भाग -२

एक दिन की बात है मैं उसे चोद रहा था कि अचानक उसकी छोटी बहन जो ग्यारहवीं में थी स्कूल से जल्दी लौट आई। उसके आने से हम दोनों की हालत ख़राब हो गई।उसने अदिति से कहा- मैं मम्मी-पापा को सब बता दूंगी !

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तो अदिति ने कहा- मत बताना, मैं हाथ जोडती हूँ।

 

तो थोड़ा सोचने के बाद वो बोली- ठीक है, पर मुझे भी वो करना है जो आप कर रही थी।

 

उसका कहना ही था कि मेरा लण्ड जो डर के मारे बैठ गया था दुबारा तन गया।

 

अदिति ने कहा- आओ, जरा इसकी भी चुदाई कर दो।

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तो पहले मैं बता दूँ कि श्रुति, यानि अदिति की बहन सुन्दर तो बहुत थी।

 

वो अपने स्कूल के कपड़ों में थी, सफ़ेद शर्ट, नीली स्कर्ट, बेल्ट, काले जूते। मैं उसके पास गया और उससे पूछा- तुमने पहले किया है क्या?

 

तो उसने कहा- नहीं !

 

तो मैं मन ही मन खुश हुआ कि एक कुंवारी चूत मिलेगी।

 

मैंने अदिति से कहा- जरा देखना इसे दर्द न हो।

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मैंने उसे अपनी गोद में बैठाया और उसे चूमने लगा।

 

क्यूंकि वो स्कूल से आई थी तो वो पसीने से भीगी थी पर उसकी पसीने की गंध भी मुझे बहुत उत्तेजित कर रही थी।

 

मैंने अपना हाथ उसकी स्कर्ट में डाला और उसकी मुलायम मुलायम जांघों को सहलाने लगा। वाह क्या जांघे थी उसकी !

 

मैंने उसकी बेल्ट और स्कर्ट उतार दी। उसने काली पैंटी पहनी थी। इतने में अदिति ने उसकी शर्ट और ब्रा भी उतार दी, उसकी चूचियाँ छोटी थी पर बहुत प्यारी थी।

अदिति तब तक उसके होंठ चूस कर उसे गर्म करने लगी। मैंने उसे पूरा नंगा कर दिया। उसकी चूत पर बहुत बाल थे जैसे उसने कभी काटे ही न हो।

मैंने फिर भी उसकी चूत चाटी। चूत चाटनी शुरू ही की थी कि मानो उसे कर्रेंट लग गया, उसने जोर से आह की। शायद उसे अच्छा लगा। मैं जोर जोर से चाटने लगा।

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थोड़ी देर बार अदिति ने उससे कहा- लण्ड चूसो !

 

तो उसने मना कर दिया- उसे भी कोई चूसता है क्या?

 

तो अदिति ने लण्ड चूस कर उसे दिखाया। थोड़ी देर बाद श्रुति ने भी मेरा लण्ड चूसा।

 

उसे फिर मैंने बाँहों में उठाया और बिस्तर पर ले गया। वो देखते ही बनती थी, मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर रगड़ने लगा वो आह-आह कर रही।

मैंने अदिति को इशारा किया और उसने श्रुति का मुँह जोर से पकड़ लिया और मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में डाल दिया। उसकी आँखें आँसुओं से भर गई, उसकी चूत से खून निकलने लगा।

अब मैं धीमे धीमे लण्ड अन्दर-बाहर करने लगा। उसे भी अब मज़ा आ रहा था।

 

क्यूंकि वो पहली बार कर रही थी वो थोड़ी ही देर में स्खलित हो गई। पर मेरालण्ड तो अभी भी खड़ा था। तो मैंने अदिति को चोद कर अपने लण्ड का पानी निकाला।

उसके कुछ दिनों तक मैं दोनों को चोदता रहा। पर उनके पापा का ट्रान्सफर हो जाने के कारण वो शहर के बाहर चली गई।

 

आज दो साल के बाद भी मुझे उनकी याद आती है। पर अब मेरे से चुदने वालों की सूचि बहुत बढ़ गई।

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