शादी मे ग्रुप सेक्स की कहानी भाग -२

पिंटू :  मगर हम राखी हाथ पर नहीं बांधेगे।रीता :  फिर कहाँ?

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सिंटू :  सब बहने अपने भाइयों के लंड पर राखी बांधना।

में : मस्त आइडिया है।

अब सब राजी हो गये और भाई अपने लंड को खोलकर सोफे पर बैठ गये। अब पूजा आरती की थाली ला कर अपने भाइयों के लंड पर राखी बांध रही थी।

में :  अपने भाइयों का मुँह मीठा करो।

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पूजा :  हाँ करुँगी ना अपनी चूत और निपल से।

अब ये सुनते ही प्रीतम पूजा का सलवार उतारकर उसके निपल्स चूस रहा था और यहाँ रीता और मीना  मेरे लंड पर राखी बाँधकर मेरा लंड चूस रही थी। तभी रीता अपनी पेंटी खोलकर मेरे लंड पर बैठ गई,  अब मुझे बहुत मजा आ रहा था।

अब में मीना की चूत को चाट रहा था और वहीं पूजा भी प्रीतम का लंड अपनी चूत में लेकर उछल रही थी और सिंटू पिंटू का लंड चूस रही थी। अब सब भाई अपनी बहनों को शाम तक चोदकर थक गये और सो गये।

दोस्तों फिर एक दिन सिंटू और पिंटू किसी काम से बाहर गये हुए थे में और पूजा अपने रूम में नंगे सो रहे थे। मैंने अपना लंड पूजा की चूत पर लगाया हुआ था और प्रीतम भी रिया के साथ रूम में सो रहा था।

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तभी हमने देखा कि सिया मेरे रूम के पास आकर खड़ी हो गयी और वो उस समय सिर्फ़ पेंटी में ही थी तभी मैंने उसको आवाज़ दी वो मुस्कुराते हुए मेरे पास आ गई और किस करने लगी और पूजा ने उसकी पेंटी को खोल दिया और वो उसकी चूत में उंगली डाल रही थी।

फिर सिया ने तुरंत मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर खड़ा कर दिया, वो मेरे लंड को चूस चूसकर लाल कर रही थी और वो किसी अनुभवी रंडी की तरह मेरे लंडे को लोलीपॉप की तरह चूस रही थी।

पूजा : क्यों तुम्हे मेरे पति का लंड चूसने में मज़ा नहीं आया क्या?

सिया : अरे रांड क्या तू कभी चूसती नहीं क्या?

दोस्तों उनकी बातें सुनकर सभी हंस पड़े और फिर मैंने पूजा को अपनी गोद में उठाया और अब में उसे प्रीतम के रूम में लेकर चला गया, लेकिन सिया भी हमारे पीछे पीछे आ गई और मैंने वहां पर पहुंचकर उससे कहा कि प्रीतम यह ले तेरी रंडी बहन को, तू चोद दे इसको। वो मेरी यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ और पूजा के बूब्स को चूसने लगा।

में अब रिया को ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोद रहा था और इस तरह हमारी चुदाई की दास्तान ऐसे ही चलती रही और हम हर दिन रात कभी भी जमकर चुदाई किया करते और अब दोस्तों हमारी शादी को पूरे 20 साल बीत गये है।

पूजा को एक बेटा हुआ प्रीतम को दो बेटियां हुई और सिंटू, पिंटू को एक एक बेटा हुआ मेरे बेटे का नाम लव था। प्रीतम रिया की बेटियों के नाम लता और गीता था। हम लोग चुदाई उनके सामने नहीं किया करते थे और अब सभी बच्चे जवान हो गये थे।

फिर हम माता पिता जब कॉलेज गये थे तो हमने वहां पर एक मीटिंग की और अब बच्चो को इस खेल में कैसे मिलाया जाए, इस बारे में बात करने लगे? तो मैंने पूजा से पूछा कि बताओ तुम क्या कहती हो? तो पूजा मुझसे बोली कि हाँ ठीक है जैसा आप ठीक समझे, में इसमें क्या कह सकती हूँ?

प्रीतम : बच्चे कोई दूध के धुले भी नहीं है, चलो ठीक है।

फिर हमने सोचा कि कुछ नया हो जाए जिसमे हम सबको मज़ा आ जाए।

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प्रीतम : मेरी दो बेटियां है जो अब जवान हो गई है उनका क्या होगा?

पिंटू : हाँ मेरा एक बेटा भी है जो अब जवान हो गया है।

में : हाँ मेरा भी तो एक बेटा है।

फिर हमने बच्चो की शादी करने के बारे में सोचा और अगले दिन बच्चो को बुला लिया दोस्तों में आप लोगों को बता दूं कि मेरे बेटे का नाम लव था और सिंटू पिंटू के बेटे का नाम गोरव था।

हमने गोरव के लिए गीता और लव के लिए लता को पसंद किया था और फिर अगले दिन बच्चों को बुलाया और उनसे पूछा कि क्या तुम लोग शादी करना चाहते हो? और वो सभी यह शब्द सुनते ही एक दूसरे को देखने लगे और सबसे पहले लव ने हाँ भर दी और फिर गोरव भी हाँ कहकर मान गया और फिर लड़कियाँ भी कहाँ पीछे रहने वाली थी, वो भी हाँ बोलने लगी और हम सभी बहुत खुश हुए और उनसे आगे की बात बोलने लगे।

में : लव बताओ कि तुम्हे लता कैसी लगती है?

लव : हाँ अच्छी लगती है पापा, वो सुंदर होने के साथ साथ बहुत समझदार भी है।

में : हाँ बहुत अच्छा है।

पिंटू : बेटा तू बता अब तुझे गीता कैसी लगती है?

गोराव : जी पापा मुझे वो अच्छी लगती है।

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फिर प्रीतम ने कहा कि आज में मेरी बेटियों की शादी करूंगा और सभी लोग उसके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हो गए। फिर पूजा, गीता और लता को एक कमरे में ले गई और उनके सारे कपड़े उतारकर वो उन्हें पेंटी, ब्रा पहनाकर बाहर ले आई, वाह क्या मस्त लग रही थी वो कच्ची कलियाँ, उनके छोटे छोटे बूब्स बहुत मस्त लग रहे थे।

अब हमने भी गोरव और लव को नंगा करके सिर्फ़ शॉर्ट्स में खड़ा कर दिया, उन दोनों के लंड शॉर्ट्स में टेंट बन गये थे। अब वो आपस में एक दूसरों को माला डालकर खड़े हुए थे और फिर लड़कियों को पेंटी उतारने के लिए कहा गया, वो वैसे ही कर रही थी और लड़के अपने लंड को खोलकर लड़कियों की चूत पर सिंदूर लगा दिया |

और अब उनकी शादी हो गई, तब तक हम सब भी पूरे नंगे हो चुके थे और प्रीतम ने रिया को पकड़कर वो उसके बूब्स को मसल रहा था और में पूजा की चूत में लगातार उंगली डालकर अंदर बाहर कर रहा था और वहीं हमारे बच्चे फुल प्यार कर रहे थे, लड़कियाँ सिसकियाँ लेकर मज़ा ले रही थी।

अब गोरव ने गीता को अपनी गोद में उठा लिया और वो उसको किस कर रहा था और लव ने भी लता के निप्पल को लोलीपोप की तरह चाट चाटकर लाल कर दिया था और वो अब चूत को भी धीरे धीरे सहला रहा था।

फिर गोरव ने गीता की चूत को चाटना शुरू किया वो सिसकियाँ ले रही थी। लव भी यही कर रहा था और यहाँ हम बैठकर बच्चो की चुदाई देख रहे थे और उन्हें चुदाई करना सिखा रहे थे। दोस्तों में अब पूजा की गांड में अपने लंड को डालकर ऊपर नीचे कर रहा था और प्रीतम पूजा की चूत चाट रहा था।

फिर गीता और लता ने लंड चूसना शुरू किया और फिर लड़कों ने उनकी कमर के नीचे तकिया रख दिया जिसकी वजह से चूत ऊपर की तरफ उठकर खुल गई और अब वो उनकी चूत पर लंड मसल रहे थे, तभी गोरव ने लव को आंख मारी और उन दोनों ने जोरदार झटके मारकर आधा लंड चूत में डाल दिया, दोनों भी ज़ोर से चिल्ला उठी और कुछ देर बाद वो शांत होकर फिर से चुदाई का मज़ा ले रही थी, उन दोनों के लंड के टोपे बड़े आकार के थे।

सुबह 4 बजे तक चुदाई करने के बाद सभी लोग सो गए। फिर अगले दिन पूजा ने कहा कि आज कुछ नया हो जाए और उसकी बात को सुनकर सभी लोग ख़ुशी ख़ुशी मान गए और फिर उसने कहा कि आज हम आशीर्वाद का प्रोग्राम रखते है जिसमें गीता और लता को प्रीतम, सिंटू, पिंटू के लंड को चूस चूसकर उनका माल निकालना होगा।

सभी लोग मान गए और अपना लंड खोलकर बैठ गये। अब लता मेरे लंड को मुहं में लेकर चूस रही थी, वाह क्या मज़ा आ रहा था। फिर वो सिंटू का भी लंड अपने मुहं में ले रही थी और वो लंड को लोलीपोप की तरह बहुत मज़ा लेकर चूस रही थी।

कुछ देर चूसने के बाद वो झड़ गए और उन्होंने अपना गरम गरम लावा पूरा मुहं में भर दिया और बड़े मज़े से लंड को चाट चाटकर साफ भी किया।

फिर दोस्तों इस तरह हमारे बच्चो की भी शादी हो गई, जिसमें हम सभी ने बहुत मज़े किए और साथ साथ अपने बच्चो को सेक्स करने के नए नए तरीके भी बताए ।।

धन्यवाद …

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