मोनिका की अजब गजब चुदाई

 

प्रेषक : दीपक

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हेलो दोस्तो कैसे हो आप. आज में आपको अपनी स्टोरी बताने जा रहा हूँ जो 10 दिन पुरानी है. 15 दिन पहले मोनिका ने ऑफीस ज्वाइन किया 2 दिन बाद मोनिका ने मुझे बताया की उसका प्रमोशन हुआ है|

और वो बहुत खुश थी ओर होगी भी क्यों नही 4 महीने बाद वो अपने बॉस से जो चुदी होगी मुझे 3 दिन के लिये ऑफिस के काम से बाहर जाना था तो प्रमोशन की खुशी में मोनिका ने घर पर एक पार्टी रखी जिसमे यतीन ओर ऑफीस के 2 लोग आये पूरी फेमिली के साथ में मोनिका के बॉस का फ्रेंड (विजय मौर्या)भी आया जिससे यतीन अपने साथ लाया था.

फिर पार्टी चालू हुई मोनिका ने स्लीव रेड कलर की नेट वाली साड़ी पहने हुई थी जिसमे उसकी नाभी साफ दिख रही थी में एक बार आपको फिर मोनिका के बारे में बता दूँ मोनिका का फिगर 36-38-38 है गोल मटोल रंग दूध से भी ज्यादा सफेद सबसे अच्छे उसके बूब्स है पार्टी में शराब का दौर चालू था. में यतीन ओर विजय साथ में पी रहे थे चार पेक पीने के बाद नशा शुरू हो गया था लेकिन कुछ खास नही था तो हमने 3 पेक ओर पीये फिर डांस होने लगा बॉस मुझसे बोले की मुझे तुझसे बात करनी है तो मेरे साथ रूम में चलो में यतीन के साथ चला गया हॉल में डांस चालू था कुछ देर बाद बॉस टायलेट गये तो मैने रूम से बाहर देखा की मोनिका ओर बॉस का फ्रेंड साथ में डांस कर रहे है ओर वो दोनो बहुत क्लोज़ है एक हाथ मोनिका की कमर पर ओर एक हाथ कधे पर था मानो ऐसा लग रहा था की वो मेरे साथ डांस कर रही हो. बॉस टायलेट से निकले ओर हम रूम से बाहर आये तब तक डांस बंद हो चुका था ओर अब डिनर की तैयारी हो रही थी.

में मोनिका के सामने कुर्सी पर बैठ गया ओर यतीन ओर विजय मोनिका के साथ बेठ गये फिर  डिनर चालू हुआ सब डिनर में मस्त थे तभी मेरी चम्मच नीचे गिरी में चम्मच उठाने के लिये नीचे झुका तो में देखता ही रह गया मोनिका का एक हाथ यतीन की पेन्ट के अंदर था में जल्दी उठा डिनर ख़त्म हुआ सब अपने घर चले गये ओर रात को मोनिका खुद मेरे पास आई बोली मुझे चोदो उस रात हमने काफ़ी इन्जॉय किया ओर अगले दिन मुझे मुंबई जाना था तो में जल्दी उठ गया ओर मोनिका का मोबाइल चेक करने लगा जो मेरी आदत है. मैंने मैसेज पढ़े जो मोनिका ने यतीन को मेरे बाहर जाने के बारे में बताया था ओर यतीन ने रिप्लाई किया की वो कल सुबह 10 बजे विजय के साथ आ जायेगा में सन्न रह गया में तैयार हुआ ओर मोनिका मुझे छोड़ने स्टेशन आई शायद वो कन्फर्म करना चाहती थी.

मोनिका बोली वो अब पार्लर जा रही है ओर चली गयी मेरा दिल होने वाले पल का मज़ा नही खोना चाहता था तो में ट्रेन से उतर कर सीधे घर पर पहुचा ओर एक खिड़की खोल दी ओर वहा से चला गया. 11 बजे बॉस की गाड़ी रुकी ओर बॉस विजय और मोनिका गाड़ी से उतर कर घर की ओर चल दिये में जल्दी से खिड़की के पास पहुच गया आज मोनिका कमाल की लग रही थी ब्लाव्क सारे डीप ब्लाउज क्लीवेज तो साफ दिख रहे थी अंदर आते ही मोनिका ने दरवाजा लॉक किया ओर किचन से 3 गिलास लाई फिर विषकी का जाम होने लगा मैने पहली बार अपनी बीवी को शराब पीते देखा अब तीनो को हल्का नशा होने लगा यतीन ने मोनिका को किस करना स्टार्ट किया करीब 5 मिनिट के बाद यतीन ने मोनिका का हाथ यतीन के हाथ में दिया ओर बोला आज तुम मज़े करो हम तो रोज़ ही करते है विजय ने मोनिका को अपनी गोदी में बैठा लिया मोनिका ने शर्म के मारे आँखे नीचे कर ली फिर उसने मोनिका को किस करना स्टार्ट किया.

कुछ देर बाद मोनिका विजय का साथ देने लग गई 15 मिनिट के बाद यतीन बोला अब आप दोनो बेडरूम में जाओ दोनो बेडरूम में चले गये में भी खिड़की से उन्हे देखने लगा विजय ने मोनिका की साड़ी उतारी फिर ब्लाउज उतारा फिर पेटिकोट उतारा अब मोनिका सिर्फ़ ब्रा ओर पेंटी में थी ओर क्या मस्त लग रही थी में आपको बता नही सकता अब मोनिका ने पहल करते हुये विजय को किस करना शुरू किया विजय भी मोनिका के बूब्स दबाने लगा मोनिका पगलो की तरह सिसकारियां लेने लगी मानो आज पहली बार चूदने वाली हो मैने अपना मोबाइल निकाला ओर वीडियो बनाने लगा विजय ने ब्रा को खोल दिया मोनिका के बूब्स हवा में लहरने लगे विजय पागलो की तरह उन पर टूट पड़ा कभी राईट बूब्स को चूसता तो कभी लेफ्ट को और एक हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा मोनिका मस्त होने लगी अब उंन दोनो की ज़ुबानी

मोनिका- विजय मुझे खा जाओ. मत सताओ.

विजय- साली आज तुझे खाउगां भी ओर पीऊँगा भी विजय ने मोनिका की पेंटी उतार दी ओर उसकी चूत चाटने लगा मोनिका तो सातवे आसमान पर थी.

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मोनिका- ये क्याआआआअ कर रहे हो. मार डालोगे क्या उहह माआआआआअ

विजय- भूखे शेर की तरह चूत चाट रहा

मोनिका- विजय ज़ोर से करो खा जाओ इसे और फिर बोली की विजय मेरा निकलने वाला है ओर वो झड़ गयी

विजय ने सारा रस पी लिया जिस पर कभी मेरा हक़ था अब विजय ने मोनिका को लंड के दर्शन कराये लंड देखते ही मोनिका की आँखों में एक अजीब सी खुशी दोड़ गयी होगी भी क्यों नही विजय का लंड 9 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा था मोनिका ने एक ही झटके में विजय का लंड अपने मुँह में ले लिया ओर आइसक्रीम की तरह उसे चूसने लगी 10 मिनिट तक लंड चूसने के बाद विजय ने अपने लंड का रस मोनिका के मुँह में छोड़ दिया मोनिका ने सारा रस पी लिया कुछ देर रुकने के बाद फिर किस का सिलसिला चालू हो गया मोनिका फिर गर्म हो चुकी थी ओर बार बार विजय से चूदने के लिये बोल रही थी विजय ने भी देर ना करते हुये अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा मोनिका तड़पने लगी

मोनिका- अब मत तड़पाओ प्यास बुझा दो मेरी….जानू फुक्ककककककक मी….

विजय ने एक झटका मारा ओर आधा लंड उसकी गीली चूत में चला गया मोनिका चिल्ला उठी उउईई माआ…..विजय रुका ओर एक ज़ोरदार झटके के साथ पूरा लंड मेरी बीवी की चूत में डाल  दिया मोनिका की आँख से खुशी की आँसू आने लगे 10 मिनिट रुकने के बाद विजय ने झटके लगाने चालू किये मोनिका अपनी गांड उठा के लंड को ओर अंदर लेने की कोशिश करने लगी

मोनिका- विजय चोदो मुझे ज़ोर से चोदो तुम तो यतीन से भी अच्छा चोदते हो फाड़ दो मेरी चूत को बना दो इसका भोसड़ा विजय पागलो की तरह उसको चोदता रहा 25 मिनिट के बाद उसकी चूत में ही झड़ गया इस बीच मोनिका 4 बार झड़ चुकी थी और फिर विजय मोनिका के उपर ही लेट गया इतने में यतीन भी रूम में आ गया ओर मोनिका से पूछा कैसा है मेरा दोस्त मोनिका ने खुशी के मारे यतीन को गले लगा लिया फिर मोनिका उठी ओर आई पिल की गोली  लाई ओर खा ली. बोली अब प्रेग्नेन्सी का चान्स नही लेना सब लोग हँसने लगे  यतीन ओर मोनिका का दूसरा राऊंड अगली स्टोरी में बताऊंगा तो दोस्तो कैसी लगी मेरी कहानी मुझे जरुर बताये . .

धन्यवाद ..

प्रेषक : गौरव

हाय दोस्तों में आपको अपनी एक कहानी बता रहा हूँ तो अब इधर उधर की बाते ना करते हुये  सीधे मेरी कहानी पर चलते है तो बात है 27 नवम्बर की जब मे अपने घर से वापस आ रहा था  में जब ट्रेन में ट्रेवलिंग कर रहा था संपर्क क्रांति में और मुझे बेंगलूर जाना था कुछ काम से जेसे की आप जानते होंगे संपर्क क्रांति दिल्ली से रात को चलती है तो बस यू समझ लीजिये की रात ओर हल्की ठण्ड ने सारा काम बना दिया  हुआ यू की मेरी रिजर्वेशन थी 3 एसी मे मे ट्रेन चलने से पहले अपना समान अपनी सीट पर रख कर अपनी बोगी के सामने खड़ा था तभी मेने 2 लड़कीयो को समान के साथ इधर से उधर भागते देखा  मेने ऐसे ही इम्प्रेशन जमाने के लिये पूछ लिया एक्सक्यूज मी में आइ हेल्प यू  वो तो जेसे इंतज़ार ही कर रही थी की कोई हेल्प के लिये पूछे  उन्होने पूरी कहानी बता दी की उनकी 3 एसी की वेटिंग क्लियर नही हुई ओर वो टी.टी को देख रही है  मेने इम्प्रेशन ज़माने के लिये कहा की आप लोग मेरी बोगी मे बैठ जाइये टी.टी जब मेरी पूछताछ करने आयेगा तब आपकी सीट कन्फर्म करा लेंगे  वो झट से मान गयी ओर अपना समान मेरी सीट के नीचे घुसा दिया.

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अब वो दोनो मेरे बिल्कुल सामने बेठी हुई थी एक की लम्बाई थोड़ी छोटी थी पर समान काफ़ी बड़े थे ओर रंग बिल्कुल गोरा  उसकी काली नेट वाली टी-शर्ट से उसकी सफ़ेद कलर की शमीज़ ओर उसके नीचे काले कलर की ब्रा साफ दिख रही थी बूब्स तो मानो ऐसे टाइट हो रहे थे की अभी सब कुछ फाड़ कर बाहर आ जायेगे  ओर उसकी ब्लू जीन्स तो इतनी टाइट लग रही थी की जेसे आधे से ज्यादा कपड़ा उसकी चूत मे घुसा हो ओर दूसरी वाली थोड़ी सांवली थी पर उसकी लम्बाई ओर फिगर कयामत थी  पतली सी कमर छोटी सी टी-शर्ट से आँख मिचोनी खेल रही थी बिल्कुल तीखे से बूब्स ओर टाइट से लग रहे थे और ऐसे लग रहे थे की काफ़ी एक्सर्साइज़ करती होगी  मेरा मन तो दोनो को वही चूस जाने का कर रहा था पर मेने अपने आपको रोका ओर पहले वाली के लिये तैयार किया क्योकी आज मेरा मन संतरे नही तरबूज खाने का था बस फिर क्या था मेने उन्हे अपनी प्यारी प्यारी बातों मे उलझाया ओर उनसे अटखेलियां करने लग गया  सच मे उन्हे छेड़ने मे बड़ा मज़ा आ रहा था.

इतने मे जिन भाई साहब की वो सामने वाली सीट थी उनका सोने का मन हो गया तो मेने उन दोनो को अपनी सीट पर बैठा लिया ओर हमारे साथ एक मिड्ल सीट वाला बंदा भी था छोटी वाली का नाम अंजलि ओर बड़ी वाली का दिव्या था अब दिव्या विंडो सीट पर बैठी थी ओर अंजलि के साथ बिल्कुल चिपक कर मे बैठा था  मेने धीरे धीरे उसकी जांघो पर हाथ फेरना शुरू कर दिया पहले तो मे हिचकिचायां पर जब उसने कुछ नहीं कहा ओर स्माइल देती रही तो मेरी हिम्मत ओर बड़ गयी  मे एक हाथ से तो उसकी जांघे मसल कर उसे गर्म करता रहा ओर दूसरे हाथ को उसके कंधे से घूमा कर उसके लेफ्ट बूब्स पर हल्का सा रख दिया उसने फिर भी कुछ नही कहा  मे समझ गया की लोहा गर्म है मुझे अपना हथोड़ा अब तैयार कर लेना चाहिये लेकिन इतने मे टी.टी आ गया.

मुझे लगा की अब शायद काम बिगड़ जायेगा लेकिन आज शायद भगवान भी मेरे साथ ही थे  उन्हे 3 एसी मे तो सीट नहीं मिली पर टी.टी को काफ़ी मनाने के बाद स्लीपर मे एक सीट मिल गयी  तो मे भी उन्हे छोड़ने स्लीपर मे चल दिया  जहा उन्हे सीट मिली थी वहा काफ़ी आर्मी वाले बैठे थे तो मे दिव्या को वही समान के पास बिठाकर अंजलि के साथ दरवाजे पर जाकर बेठ गया अब तक अंजलि मेरे मे काफ़ी इंट्रेस्टेड हो चुकी थी ओर मेरी जांघ मसलने की गर्माहट वो अभी तक महसूस कर रही थी  मेने मोका ना छोड़ते हुये उसे गाल पर किस कर दिया वो ओर गर्म हो गयी ओर उसने मेरे सिर के साथ सिर जोड़ लिया  मेने फिर हाथ घूमाते हुये  उसका लेफ्ट वाला बूब पकड़ लिया ओर इस बार तो ज़ोर से मसलने लगा  वो एकदम बोली नहीं  मत करो दर्द हो रहा है.

मेने कहा इसी दर्द मे तो मज़ा आता है ये कहते हुये मेने उसके निपल पकड़ लिये ओर अपनी हार्ड उंगलियो से उसके सॉफ्ट निपल गोल गोल घूमाने लग गया जेसे ही अंजलि ने मुझे किस किया मे समझ गया की अब टाइम आ गया है  तो मेने उसे अपनी 3 एसी की सीट पर ले जाने की सोची लेकिन अब तक 3 एसी ओर स्लीपर के बीच का शटर डाउन हो चुका था ओर दरवाजे पर बैठ कर ठण्ड भी लग रही थी तो मेने दरवाजा बंद कर दिया ओर वही खड़े हो गये  उस समय रात के 1 बज रहे थे  मेने जानबुझ कर कपकपी का बहाना किया ओर अंजलि को गले लगा लिया उसने मुझे अपने सीने से लगाते हुये अपनी शॉल मे ले लिया  मेने वही खड़े खड़े उस पर किस की बरसात कर दी ओर मेरा एक हाथ उसकी ब्रा तक पहुँच गया ओर एक पेंटी तक  लेकिन उसने मना करते हुये मुझे पीछे हटा दिया.

मे भी होश मे आया ओर सोचा की यह सब करने की यह जगह सही नही है  मे ओर अंजलि दिव्या के पास गये लेकिन वो सो चुकी थी  किसी महान महापुरुष के कहे अनुसार की “चूत ओर भूत कभी भी कही भी मिल सकती है” इसलिये मे गोली ओर कन्डोम हमेशा अपने साथ रखता हूँ  खास करके सफ़र मे ओर वेसे भी 1 बज गये थे ओर आगरा आ गया था  मेने टाइम नही निकालते हुये अंजलि को बहला फुसला कर नीचे उतारकर अपनी बोगी मे ले आया वहा आकर देखा तो बिल्कुल अंधेरा था ओर मेरे बिछाने का और चादर मेरी बर्थ पर पड़ी थी ओर आस पास के सब लोग गहरी नींद मे लग रहे थे  मेने जल्दी से बिछाया ओर अंजलि को लेटने को कहा वो आकर लेट गयी  उसने कहा आप कहा सोयेगे?” तो मेने हल्की सी स्माइल देते हुये उसके साथ ही लेट गया ओर हम दोनो के उपर चादर डाल दिया उसने कहा यह ग़लत है.

किसी ने देख लिया तो तो मेने उसे यह कहकर चुप करा दिया की आवाज़ मत करो नही तो कोई जाग जायेगा ओर यह कहकर कसकर उससे लिपट गया ओर उसे उपर से नीचे तक चूमने लगा वो सिसकियां भरने लगी तो मेने झट से उसके मुँह मे अपना मुँह डाल दिया ताकि ज्यादा आवाज़ ना हो ओर अपने जादू के हाथो को उनकी सही जगह पर ले गया  मेने एक हाथ से तो उसकी टी-शर्ट ओर शमीज़ को उपर किया ओर ब्रा के उपर से उसके बूब्स मसलने लगा ओर दूसरे हाथ से उसकी जीन्स खोलने लगा  टी-शर्ट ओर शमीज़ तो झट से उपर हो गयी थी पर जीन्स काफ़ी टाइट थी  लेकिन हम कहा रुकने वाले थे दोनो हाथो से उसकी जीन्स घुटनो तक कर दी ओर उसकी कोमल सी चूत पर हार्ड सी उंगलियां फेरने लगा.

मेने उसकी ब्रा के हुक पीछे से खोलकर उसके तरबूज जेसे बूब्स को अपने मुँह मे ले लिया  सच मे इतने बड़े ओर मस्त बूब्स से मे पहली बार खेल रहा था ओर दूसरे हाथ ने भी अपना काम कर दिया था  मेने उसकी पेंटी के उपर उंगलियां फेरते हुये जब देखा की उसकी चूत हल्की सी  गीली हो गयी है तो अपने दूसरे हाथ को हल्के से उसकी पेंटी मे घुसा दिया ओर झटके से उसकी पेंटी उतार दी ओर लंड को चूत में डाल कर अन्दर बाहर करने लगा ओर जब उसकी चूत से कुछ लिक्विड सा निकला तो मेने अपनी स्पीड ओर तेज कर दी  जल्द ही वो बस बस करने लगी पर यहा तो गोली का असर था झड़ने का नाम ही नही ले रहा था.

7 मिनिट की लगातार चुदाई के बाद भी जब नही झड़ा ओर अंजलि बुरी तरह करहाने लग गयी तो मेने उसकी चूत से अपना लंड निकाल लिया ओर हल्का सा उपर होकर उसके बड़े बड़े बूब्स के बीच की जगह मे दे दिया करीब 5 मिनिट के बाद मेने फिर से अपना लंड उसकी चूत मे घुसा दिया ओर ट्रेन का ध्यान भूलकर अपनी पूरी स्पीड से उसे पेलने लगा ओर जल्द ही उसकी दोबारा तसली करा कर मेरा झड़ गया वो मेरे सीने से चिपक गयी ओर कहने लगी की सच बताउ मेने पहले भी यह काम कर रखा है  पर जेसा मज़ा आज तुमने दिया है कभी किसी ने नही दिया करीब 15 मिनिट तक एक दूसरे के साथ लिपटे रहने के बाद मेने उसे अपने कपड़े संभालने को कहा ओर में उठकर बाथरूम की तरफ चल दिया  अपना कीमती वीर्य वाला कन्डोम मेने फेका ओर मुँह हाथ धोकर वापस आ गया  तब तक सुबह के 4 बज रहे थे ओर अंजलि भी अपने कपड़े संभाल चुकी थी.

मेने उसे कहा की 5 बजे तक लोग जागना शुरू कर देंगे तो उससे पहले मे तुम्हे वापस स्लीपर मे छोड़ आता हूँ  इतने मे ट्रेन भी किसी छोटे मे स्टेशन पर रुकी तो मेने जल्दी से उसे नीचे उतारकर स्लीपर मे दिव्या के पास जाकर लेटने को कहा वहा भी सब सो रहे थे वो झट से मुझसे चिपक गयी ओर किस करने लगी मेने उसे अलग करते हुये सुबह मिलने को कहा ओर वापस जाकर अपनी सीट पर सो गया दोस्तो ये था एक रात का किस्सा ओर जेसे की आप जानते है की दिल्ली से बेंगलूर जाने मे बेंगलूर संपर्क क्रांति मे 2 रात आती है तो अगली रात तो ओर अच्छी निकली पर वो जानने के लिये आपको थोड़ा ओर इंतजार करना पड़ेगा  ओर हाँ  अगर आपको मेरी कहानी अच्छी लगे तो मुझे कमेन्ट जरुर करे मै आपके कमेन्ट का इन्तजार करूँगा.

धन्यवाद …

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प्रेषक :  राज

हेलो दोस्तो..! आज मै अपनी लाइफ की सबसे सेक्सी कहानी आप सबको सुनाने जा रहा हूँ.     सबसे पहले मै आप सबको अपने बारे मे बता दूँ. मेरा नाम राज (नाम बदला हुआ) है ओर मै दिल्ली  यूनिवर्सिटी के बहुत ही फेमस कॉलेज मे बी.कॉम फाइनल इयर का स्टूडेंट हूँ. मेरी हाइट 5.6′ है ओर कलर सावला (चोकॉलेटी फेयर) है ओर स्लिम बॉडी है. मै वेस्ट दिल्ली की लोकल कॉलोनी मे रहता हूँ. चलो अब मै आपका ज़्यादा टाइम खराब ना करके कहानी पर आता हूँ. ये कहानी मेरे कॉलेज की किसी लड़की के बारे मे नही है बल्कि मेरी पड़ोसन आँचल (नाम बदला हुआ) की है. उसकी उम्र यही कुछ 22-23 साल के करीब होगी, कलर तो एकदम चिकना साफ दूध जैसा ओर फिगर पर तो मैने ध्यान नही किया फिर भी लगभग 32-28-34 होगा. आँचल शादीशुदा है ओर उसके 2 बच्चे भी है. उसका पति फार्मेसी कंपनी मे मेडिसिन सप्लाई करने का काम करता है.

जब वो मेरी कॉलोनी मे आई थी तो वहाँ के सारे लड़के उस पर फिदा थे. मै ज़्यादातर कॉलेज मे ही रहता था तो अपनी पड़ोसन को ज़्यादा नोटीस नही कर पता था, पर जब सन्डे को सारे दोस्त एक साथ बैठते थे तब ही मुझे पता चला की मेरे पड़ोस मे एक पटाखा आइटम है. मेरी उससे ज़्यादा बात नही होती थी पर मेरे पड़ोस मे होने के नाते जब भी वो फ्री होती थी तब वो घर के  बाहर पड़ोस की औरतो से बाते कर लिया करती थी. मेरी परीक्षा होने के बाद कॉलेज की छुट्टिया  आ गयी ओर मै हमेशा आँचल को देखने का मौका ढूँढने लगा.

जब भी वो कपड़े सूखाने छत पर आती तब मै चुपके से उसे देख लेता. ऐसे छुप छुप कर  देखते हुये काफ़ी टाइम हो गया. मै उससे बात करने के बहाने देखने लगा. जब भी वो छत पर आती तब मै किसी ना किसी बहाने से छत पर जा कर उससे बात करता. ऐसे ऐसे हम दोनो काफ़ी बाते शेयर करने लगे. अब मै उसके घर जा कर भी उससे बाते करके अपना टाइम पास करने लगा. फिर एक दिन जब मै उसके घर गया तो वो अपनी छोटी बेबी को जो शायद 2 साल की है, उसको दूध पीला रही थी. उसके गोरे गोरे बूब्स देख कर तो मेरा दिमाग़ ही खराब हो गया. मन कर रहा था की उसके बूब्स को पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से दबाऊ ओर सारा दूध चूस लूँ.

जब उसने मुझे देखा तो साड़ी से बूब्स को ढक लिया ओर मुझे बैठने के लिये कहा. मै वही पास मे सोफे पर बैठ गया ओर दिनभर की बाते करने लगा. पर मेरा मन तो उसके बूब्स मे लगा हुआ था, मै बार बार उसके बूब्स को ही देखे जा रहा था. फिर अपनी बेबी को दूध पिलाने के बाद वो चाय बना कर लाई ओर फिर हम दोनो ने चाय पी. आज मैने कुछ ज़्यादा बाते नही की ओर जल्दी ही अपने घर आ गया ओर जल्दी से टायलेट मे जा कर मूठ मार कर अपने लंड को शांत किया. अब मेरे मन मे आँचल को चोदने का ख्याल आने लगा ओर उसको चोदने का मौका देखने लगा.

फिर जब एक दिन मै ऐसे ही उसके घर गया तो वो रसोई मे बर्तन धो रही थी ओर मै भाभी कह कर आवाज़ लगाई, जब उसने सुना तो रिप्लाई मे कहा अभी आती हूँ वही सोफे पर बैठ जाओ, बस 2 मिनिट मे बर्तन धो कर आती हूँ. मै वही सोफे पर बैठ गई तो देखा की टेबल के  नीचे कन्डोम के काफ़ी सारे बॉक्स रखे है, अलग अलग ब्रांड के. ये देख कर तो मै हैरान हो गया की मेरा पड़ोसी इतना बड़ा कंजूस है की कन्डोम भी होलसेल रेट मे लाता है. आँचल जब सारा काम ख़त्म करके आई तो मैने ऐसे ही पूछ ही लिया की ये इतने सारे कन्डोम के पेकेट यहाँ क्यों रखे है. तो उसने कहा  अरे ये पेकेट तो मेडिकल स्टोर्स पर सप्लाई करने है, आज जल्दबाजी मे ये सारे पेकेट्स यही भूल गये. फिर में मज़ाक मे बोला “श मुझे लगा की..”

आँचल: क्या लगा..?

मै: नही कुछ नही..!

आँचल: अरे बताओ ना..!

मै: मुझे लगा की भैया ये अपने पर्सनल उसके लिये लाये है..(मैने शरमाते हुये कहा)!

आँचल: अरे नही वो तो कन्डोम से ही नही करते है..!

ये सुनकर तो में हैरान हो गया. आँचल ने पहली बार मुझसे ऐसी बात की थी. मैने भी मौका ना गवाते हुये कहा  तभी इतनी जल्दी जल्दी बच्चे हो गये. अब आँचल मुझसे थोड़ा खुल कर बात करने लगी. उसने शरमाते हुये स्माइल की ओर मुझसे कहा की तुम ऐसी ग़लती मत करना. मैने कहा की साफ साफ बोलो क्या बोलना चाहती हो तो फिर उसने कहा की शादी के बाद 4-5 साल तक बच्चे मत करना वरना..!!

में: वरना क्या.?

आँचल: अरे पागल अगर इतनी जल्दी पापा बन जाओगे तो फिर वो सब करने मे अच्छा नही लगेगा..!!

अब मेरा लंड खड़ा होने लगा था. मैने जानबुझ कर कहा “क्या करने मे अच्छा नही लगेगा.?”

आँचल: अब इतना अंजान मत बन, रेग्युलर कॉलेज मे पढ़ता है ओर अंजान बनता है जैसे की  तुझे कुछ पता ही ना हो..!

फिर मैने कहा की अब आप ही सब साफ साफ बोलोगे तो मुझे भी साफ बोलने से शर्म नही आयेगी.

आँचल: अच्छा लो में अब साफ साफ ये बोल रही हूँ की इतनी जल्दी पापा बन जाओगे तो सेक्स लाइफ मे मज़ा नही आयेगा ओर फिर तुम्हारा मन भी नही करेगा फिर मैने कहा की   इसका मतलब भैया अब पहले से कम सेक्स करते है तुम्हारे साथ अभी तक तो हम सारी बाते मज़ाक मे कर रहे थे पर अब आँचल के फेस पर स्माइल नही थी. उसने कहा की अब तो बस सप्ताह मे 1-2 बार ही होता है.

फिर आँचल ने टॉपिक चेंज करते हुये कहा की तुम तो रेग्युलर कॉलेज मे जाते हो तो गर्लफ्रेंड भी ज़रूर होगी. तो मैने सर हिला कर मना कर दिया. तो इस पर आँचल ने नाराज़ होते हुये  कहा ज़्यादा झूठ मत बोलो, सच सच बताओ ना. मैने कहा भाभी सच बोल रहा हूँ मेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है. फिर आँचल ने कहा  फिर तो तुमने भी कन्डोम का उपयोग नही किया होगा”.? मैने मना करते हुये कहा की भैया को मौका मिलता है पर वो तब भी कन्डोम से नही करते है ओर एक में हूँ जिसे आज तक कन्डोम से करने का मौका ही नही मिला है. अचानक पता नही आँचल के दिमाग़ मे आया ओर उसने एकदम से कहा  तुम्हे कन्डोम से करना है? मैने भी एकदम से हाँ बोल दिया बस अब मुझे मौका मिल गया था.

आँचल ने वही टेबल के नीचे से एक कन्डोम का पेकेट निकाला. उसमे 3 कन्डोम थे. फिर मैने कहा  इतनी जल्दी क्या है आराम से करेंगे, उससे पहले ओर कुछ भी कर ले.

आँचल : ओर कुछ..?

मैने हाँ बोला ओर बोलते ही उसके बूब्स पर अपना सीधा हाथ रख दिया. जैसे ही मैने हाथ रखा मानो उसे 440 वोल्ट्स का करंट लग गया हो. उसके मुँह से एकदम से आआहह की आवाज़ निकली. फिर मैने मौका देखते हुये उसके ब्लाउज के हुक्स खोल दिये. अब वो काली ब्रा मे थी. वो थोड़ा सा शर्मा रही थी,  मैने उससे से कहा की असली मजा लेना है तो शर्म मत करो. अब उसने खुद ही अपनी ब्रा खोल दी. मैने उसके बूब्स से दूध पीना शुरू कर दिया ओर बीच बीच मे दांत से काट रहा था ओर उसके मुँह से आआअहह आआअहह की आवाज़े आ रही थी. वो अब मेरे बालो को नोचने लगी तो में समझ गया की ये अब झड़ने वाली है.

अब मैने उसकी साड़ी के अंदर हाथ डाल दिया. उसकी जांघे बिल्कुल कॉटन जैसी मुलायम थी. जैसे ही मैने उसके पेंटी पर हाथ रखा तो पता चला की वो झड़ चुकी है. अब मैने धीरे धीरे उसकी साड़ी उतार दी ओर पेटीकोट तो उसने अपने आप ही खोल दिया उसने काले कलर की पहने रखी थी जो झड़ने के बाद गीली हो गयी थी. मैने उसको बेडरूम मे चलने को कहा पर बेडरूम मे उसकी बेटी सो रही थी तो मैने सोफे पर ही उसको लेटा दिया ओर पेंटी उतार दी. अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी. फिर उसने मुझे कपड़े उतारने को कहा तो मैने फटाफट से कपड़े उतार दिये.

अब मैने सीधा उसकी चूत पर अटेक किया ओर पागलो की तरह चूत मे उंगली अंदर बाहर करने लगा. अब वो भी पागल होने लगी थी ओर ऊऊओह आाऊहह आअहह की आवाज़े निकालने लगी. मैने एक हाथ से उसका मुँह बंद किया ओर फिर मैने उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी. उसने मेरे बालो को पकड़ कर चूत से चिपका दिया  उसकी टांगे कापने लगी वो फिर से दूसरी बार झड़ने लगी. मैने जल्दी से अपना मुँह हटाया ओर सारा पानी सोफे पर निकल गया. अब उसने मेरा लंड चूसना स्टार्ट किया 6 इंच का था. मेरा लंड तो पहले ही खड़ा हो गया था इसलिये जल्दी ही झड़ गया ओर सारा पानी उसके बूब्स पर झाड़ दिया ओर उसके उपर ही 2 मिनिट तक लेटा रहा. अब मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा.

मैने आँचल से कन्डोम लगाने को कहा तो उसने फटाफट किसी एक्सपर्ट की तरह पेकेट को फाड़ा ओर मेरे लंड को टाइट करके कन्डोम चड़ा दिया में अब चुदाई के लिये तैयार था ओर अब आँचल की चूत भी 2 बार झड़ने के बाद चिकनी हो गयी थी मैने सोफे पर ही उसकी टांगे फैलाई ओर लंड को चूत पर रखा ओर हल्का सा शॉट मारा ओर पूरा लंड अंदर तक चला गया तो उसने कहा  देखा यही होता है 2 बच्चे होने के बाद मैने अपना काम जारी रखा ओर चुदाई करता रहा अब आँचल को मज़ा आने लगा था ओर वो भी अब गांड हिला हिला कर मेरा साथ दे रही थी ओर आअहहााअहह ऊऊहूऊऊहह आआअहह की आवाज़े आ रही थी.

मैने शॉट्स तेज़ कर दिये तो अब उसे थोड़ा दर्द होने लगा ओर वो उूुउऊहहुउऊउऊहह करने लगी. अब मैने अपना लंड उसकी चूत से निकाला ओर उसकी गांड के होल पर फिट किया ओर ज़ोर से शॉट मारा तो मानो उसकी जान निकल गयी हो. उसकी आँखो मे आँसू आ गये लेकिन में नही माना ओर दोबारा से एक ओर जोरदार शॉट मारा. मेरे लंड मे दर्द होने लगा था. वो आअहह आआहह आआआअहह ऊऊऊऊहह किये जा रही थी. में 10-15 मिनिट तक चुदाई करता रहा ओर फिर मुझे लगा की में झड़ने वाला हूँ पर डर किस बात का मैने तो कन्डोम पहन रखा था. मैने आखरी 10-12 शॉट्स मारे ओर लंड बाहर निकाल लिया. आँचल ने झट से कन्डोम  उतार दिया ओर हाथ से मूठ मारने लगी ओर मैने उसके लिप्स पर ओर उसकी आँखो ओर बूब्स पर पानी झाड़ दिया.

अब उसका पति प्रमोशन के बाद मैनेजर बन गया है ओर अब वो पश्चिम विहार के अपार्टमेंट मे शिफ्ट हो गये है. पर में जब भी वहा जाता हूँ तो आँचल को ज़रूर चोदता हूँ. तो दोस्तो ये मेरी  सेक्सी ओर पहली कहानी है. तो अगर आपको कोई कुछ कमी लगी हो तो माफ़ कर देना ओर कमेन्ट जरुर करना.

धन्यवाद ..

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