चचेरी बहन के साथ चुदाई का खेल भाग-२

चचेरी बहन के साथ चुदाई का खेल भाग-२

अब डॉली समझ गयी की कुछ तो गरबड है और भाई ने मुझे खेल खेल में नंगा क्यों कर दिया..? और वो कहने लगी की भाई ये क्या कर रहे हो.? खेल में ये सब नहीं होता है. तो मेने कहा की एसे ही मज़ा आएगा.

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और जब तुम पुलिस बनना तो तुम भी मेरे साथ जो चाहो कर लेना.

 

(मेरे उपर तो वेसे भी जनून चढ़ा हुआ था उसे नंगा करने का) फिर मेने उसके हाथ पकड़े और कहा की में तुम्हे एरेस्ट करता हूँ और ये कहते हुए मेने उसके हाथ कास के एक कपडे सा बांध दिया और वो भी इसे गेम ही समझ रही थी.

फिर मेने उसके बाल पकड के जोर से खिंचा और उसके पेरो को फेला के बोला बताओ कहा छुपा रखा है सामान और एसा कहते ही मेने उसकी चड्डी उतारदी.

 

और अब वो निचे से नंगी हो गयी.

 

और मुझसे कहने लगी की प्लीज् भाई मुझे ये गेम नहीं खेलना पर अब में कहा मानने वाला था.

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मेने कहा चुप एक तो चोरी करती है और उपर से पुलिस वाले से जबान लड़ाती है.

 

और मेने उसकी दोनों टाँगे फेला के अपना मुह उसकी टांगो के बोच ले जा के उसकी चुनमुनिया को देख ने लगा.

 

वाओ क्या चुनमुनिया थी उसकी पिंक पिंक बिलकुल एक सिल चुनमुनिया की तरह एक भी बाल नहीं था उसपे और मेने अपनी ऊँगली उसमे डाल दी और बोला इसके अन्दर क्या छुपाया है और उसकी चुनमुनिया में अपनी एक ऊँगली डालने लगा.

 

और अब वो मज़ा लेने लगी पर मुझे दिखने के लिए रोक भी रही थी.

 

पर मेने तो उसे अब बाँधा हुआ था.

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और में एसा सो कर रहा था की में अब भी गेम ही खेल रहा हूँ.

 

और में ये भी समझ चूका था की वो नाटक कर रही है. और उसे पूरा मज़ा आ रहा है |

 

तो मेने उसकी चुनमुनिया में अपनी एक ऊँगली डाल दी और जोर जोर से सुरु कर उआकी चुनमुनिया में से थोडा सा पानी निकलने लगा में समझ गे की ये गरम हो रही है.

 

फिर में खड़ा हो गे और उसे बोला चुप चाप बता दो की चोरी का माल कहा छुपाया है और में बहोत गुस्से वाला पुलिस वाला हूँ. वो कामुक नजरो से मुझे देखने लगी और बोली की मेने कुछ नही चुराया है.

 

तो मेने कहा की सब चोर यही कहते है. और अब में उसके पास गया और उसकी कमीज उतारने की कोसिस करने लगा.

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पर उसके हाथ बंधे थे इस लिए कमीज पूरी नही उतार पाया अब मेरी नजरो के सामने उसके नंगे नंगे दूध थे बहोत छोटे छोटेसे उसके निपल अभी छोटे थे पिंक कलर के और दूध बहोत छोटे से सनते जितने बड़े थे तो मेने उन्हें दबाया और अब मुझसे नहीं रुका गया और उसके छोटे छोटे निपल्स को पीने लगा और वो सिस्कारिया लेने लगी शायद मेरा उसके निपल्स को पीन उसे भी अच्छा लग रहा था.

और अब में एक हाथ से उसके एक निपल को नोच रहा था.

 

और दुसरे निपल को जोर जोर से पी रहा था. वाओ क्या टेस्ट था एक अजीब सा ही टेस्ट था.

 

दोस्तों वो टेस्ट मुझे आज भी याद है.

 

अब वो मेरे बाल खिंच के अपने निपल चुस्वाने लगी और आआः आआआआह्ह्ह करने लगी अब मने इस खेल को चुदाई में बदलने के लिए तैयार था क्यू की अब मेरी प्यारी बाहें की चुनमुनिया मेरा बाबूराव मांग रही थी.

 

और मुझे इसकी ये इच्छा पूरी करनी थी. मेने तभी उससे कहा.

 

में; बोलो बेबी बाबूराव चाहिए.? वो मेरे मुह से बाबूराव सुनके शर्मा गयी.

 

और मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया.

 

मेने तुरंत अपना बाबूराव बहार निकाला और उसके हाथ में थमा दिया और वो बड़े गोर से मेरे बाबूराव को देखने लगी.

 

और बाबूराव को आगे पीछे करने लगी थी और तभी मेने उसे उठाया और उसे पूछा की क्या पहले तुमने कभी चुदाई की है और वो मेरी तरफ देख के हसने लगी.

में समझ गया की इसकी रस्सिया पहले से ही टूट गयी है तो मेने बिना देर किये उसे एक टेबल पर जुकाया और उसकी नरम चुनमुनिया पे अपना खड़ा बाबूराव सताया और एक जोरदार झटका मारा और बाबूराव सीधा उसकी चुनमुनिया में धस गया.

 

और वो आआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह करने लगी मुझे भी बड़ा मजा आया और में उसे पुरी तेजी से चोदने लगा.

 

और वो असाह्ह्ह आआआह्ह्ह्हह्ह आआह्ह्ह्ह फ़ूक्क्क्क मीई फ़ूउक्क्क्क मी हार्डर करती रही और १५ मिनट की चुदाई के बाद में झड़ने वाला था तो मेने उसे कहा की में झड़ने वाला हू तो उसने कहा की चुन ओंन माय फेस और वो सीधा अपने ग्घुत्नो के बल बेठ गयी और मेरे बाबूराव से निकली गरम गरम पीचकारी ने उसके सारे फेस को माल से भर दिया में हैरान था की वो मुझे देख कर हस रही थी बिलकुल एक पूर्ण स्टार की तरह और उसने मेरे बाबूराव को चाट कर पूरा साफ़ कर दिया और वो चुदाई में आज तक नहीं भुला तो कैसी लगी मेरी लाइफ की ये रियल स्टोरी?

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