एक सच्चा सेक्स अनुभव आशा भाभी के साथ भाग-२

फिर में उनसे बोला कि ठीक है और अब में उनका बहुत बेसब्री से इंतजार करने लगा और में मन ही मन उनकी चुदाई के सपने देखने लगा।

फिर करीब रात के दस बजे वो मेरे लिए खाना लेकर आ गई, वाह दोस्तों वो दिखने में क्या लग रही थी और वो उस लाल कलर की मेक्सी में मेरे पास आकर बैठ गई और फिर बोली कि पहले क्या खाओगे? और उन्होंने मुझे एक शरारती स्माईल दी।

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फिर में उनकी इस बात का मतलब समझकर झट से उन पर कूद पड़ा और अब उनके होंठो पर अपने होंठ रखकर चूमने लगा और उनके बूब्स को एक एक करके ज़ोर से दबाने मसलने लगा और पूरे हॉल में स्मूच की आवाज़ गूंज रही थी।

 

फिर मैंने उनको अपनी गोद में उठाया और बेडरूम में लाकर बेड पर लेटा दिया और फिर में उन पर चढ़ गया।

 

फिर हम एक दूसरे को पागलों की तरह चूमने, चाटने लगे।

 

मैंने एक हाथ से उनकी मेक्सी को कमर तक ऊपर उठा दिया और उनकी गांड को दबाने लगा।

 

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दोस्तों मैंने उसे छूकर महसूस किया कि उनकी वाह क्या मस्त मुलायम गांड थी और में उनकी पीठ पर हाथ फेरने लगा, |

 

उनकी पीठ मानो मुझे रुई सी एकदम मुलायम महसूस हो रही थी।

 

फिर मैंने उनको वो मेक्सी उतारने का इशारा किया तो उन्होंने झट से उसको नीचे उतार दिया, अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी।

 

फिर मैंने अपनी टी-शर्ट और लोवर को भी उतार दिया, में अब उनके सामने सिर्फ़ अंडरवियर में था और मेरा लंड किसी डंडे की तरह तनकर खड़ा हुए था।

फिर मैंने झट से उनकी ब्रा को ऊपर किया और फिर तुरंत उनका एक बूब्स अपने मुहं में लेकर चूसने लगा और दूसरे बूब्स को ज़ोर से दबाने लगा।

तभी मैंने देखा कि उन्होंने मेरे कहने से पहले ही जल्दी से अपनी पेंटी को उतार दिया और जैसे ही मैंने एक हाथ उनकी गरम,|

 

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कामुक चूत पर रखा तो वो एकदम से सीहर उठी और अब में उस प्यासी चूत को सहलाने लगा और वो गरम होकर मदहोशी में मोन करने लगी।

 

तभी मैंने छूकर महसूस किया कि उनकी चूत एकदम चिकनी, उभरी हुई और बहुत गोरी थी, उन्होंने शायद आज ही अपनी चूत की सफाई की होगी।

फिर मैंने अपनी एक उंगली को उनकी चूत में डाल दिया और फिर धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा, लेकिन तभी उसने मेरा हाथ पकड़ा और अब वो मेरी ऊँगली को ज़ोर ज़ोर से अपनी चूत में दबाने लगी और ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी तो

में अब तक जोश में आकर बहुत गरम हो गया था और अब मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने अपनी अंडरवियर को भी उतार दिया और फिर मैंने लंड को उसकी चूत पर रखकर एक ज़ोर का झटका दे दिया, लेकिन उनकी चूत बहुत टाईट थी और जिसकी वजह से वो फिसल गया।

मैंने एक बार फिर से लंड को चूत के छेद पर रखकर एक ज़ोर का झटका दे दिया तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया और उनके मुहं से चीख निकल पड़ी, आआहह आईईईईईइ उह्ह्हह्ह्ह।

फिर मैंने जोश में ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने शुरू किए और अब ज्यादा गरम होने की वजह से 20-25 धक्के मारकर में उनकी चूत में ही झड़ गया।

अब हम थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहे और वो मेरे लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी, उसे सहलाने लगी और उसके साथ खेलने लगी, लेकिन उनकी चूत का पानी अभी भी नहीं निकला था।

फिर थोड़ी देर बाद मेरा लंड एक बार फिर से धीरे धीरे खड़ा होने लगा तो वो उठकर अपनी मेक्सी पहनकर किचन में पानी पीने चली गई और जब मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया तो में भी उठकर उनके पीछे पीछे किचन में चला गया।

मैंने वहां पर जाकर देखा कि वो अपना मुहं दूसरी तरफ करके खड़ी हुई थी और में अचानक से जाकर उनके पीछे से चिपक गया और उनकी बगल के नीचे से अपने हाथ डालकर उनके बूब्स को दबाने लगा और

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अब कुछ देर बाद वो भी अपने दोनों हाथ पीछे करके मेरा लंड पकड़कर हिलाने लगी और जब में पूरी तरह से तैयार हो गया तो मैंने उनकी मेक्सी को कमर के ऊपर तक उठाया और अपना लंड पीछे से डालकर उनकी चूत पर रगड़ने लगा, अब वो फिर से गरम होने लगी थी।

 

फिर मैंने उनको थोड़ा सा आगे की तरफ झुकाकर अपना लंड पीछे से ही उनकी चूत में डाल दिया और उनके दोनों बूब्स को कसकर पकड़कर धक्के मारने लगा और वो भी

अब धीरे धीरे धक्के देने लगी और अपने दोनों हाथ किचन की पट्टी पर रखकर अपनी चूत को मेरे लंड पर दबाने लगी और उस चुदाई की वजह से उनके मुहं से आअहहहह उउम्म्म्म आईईईईइ जैसी आवाज़े निकालने लगी|

वो अब मेरे हर एक धक्के के साथ और भी ज़्यादा उत्तेजित हो रही थी और मुझसे कह रही थी हाँ विक्की और ज़ोर से चोद उह्ह्ह्ह और ज़ोर से क्या तू प्यार करता है, |

अपनी भाभी से तो बुझा ले अपनी प्यास, चोद मुझे और ज़ोर से और मेरी चूत को भी ठंडा कर दे, आआहह उउम्म्म्म आहह दोस्तों उनकी इस मोनिंग से में और भी जोश में आ गया|

में अब और भी ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा और करीब दस मिनट के बाद वो बोली कि विक्की में अब झड़ने वाली हूँ और उनके मुहं से यह बात सुनकर मैंने और ज़ोर से धक्के मारना शुरू किया।

तभी थोड़ी देर बाद उनका शरीर एकदम से अकड़ने लगा और वो मेरे लंड पर ही झड़ गई, लेकिन मेरा वीर्य अभी भी नहीं निकाला था,|

 

में उन्हें लगातार धक्के मारता रहा और करीब 15 मिनट के बाद मैंने एक बार फिर से उनकी चूत में ही अपना वीर्य छोड़ दिया और में उनके कंधे पर अपना मुहं रखकर ऐसे ही कुछ देर खड़ा रहा। फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने अपने कपड़े पहने और अब में भी पूरा नंगा था,|

 

उन्होंने मुझे एक लंबा लिप किस दिया और फिर वो मुझसे धन्यवाद कहकर अपने घर पर चली गई और जब मैंने टाईम देखा तो उस समय रात के करीब तीन बजे थे और में ऐसे ही दरवाजा बंद करके सो गया।

दोस्तों उसके बाद हमने कुछ दिन और चुदाई के मज़े किए।

हमें जब भी, जैसे भी, जहाँ भी मौका मिलता तो हम उस मौके को अपने हाथ से नहीं जाने देते और एक बार तो में देर रात को उनके घर में चुपके से जाकर उन्हें चोदकर आ गया, लेकिन उसके कुछ दिनों बाद मेरे कॉलेज की छुट्टियाँ खत्म होने वाली थी और फिर में वापस अपने कॉलेज चला गया, लेकिन में जितने भी दिन वहां पर रहा।

मैंने हर एक दिन अपनी भाभी की चुदाई जरुर की, चाहे वो कैसे भी हालात रहे हो और उसे कुछ महीनो बाद उन्होंने मुझसे फोन पर बताया कि वो अब गर्भवती है और उन्होंने मुझसे इसके लिए धन्यवाद कहा और

मेरे बाप बनने की ख़ुशी में मुझे बधाईयाँ भी दी और को भैया लग रहा था कि यह सब डॉक्टर की दवाईयों के असर के कारण हुआ है और कुछ दिन बाद भाभी ने एक बहुत प्यारी सी बेटी को जन्म दिया।

दोस्तों अभी भी जब भी हमे मौका मिलता है तो हम लोग चुदाई के बहुत मज़े लेते रहते है। दोस्तों यह थी मेरी भाभी की चुदाई और जिसमें मैंने उनको चोदकर अपने बच्चे की माँ बनाकर उन्हें वो ख़ुशी दी, |

 

जिसके लिए उन्होंने मुझसे बहुत बार धन्यवाद कहा और उसके बदले में वो आज भी मुझसे चुदवाती आ रही है और वो मेरी चुदाई से बहुत खुश रहती है और में उनकी चूत को चोदकर बहुत मज़े करते है ।।

धन्यवाद …

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