रंगीन भाभी के साथ रंगबिरंगी होली-कामूक सेक्स कहानी

ये स्टोरी बिल्कुल नयी होली की है. मैं पुणे मे अपने फ्लॅट मे था और लगातार 3 दिन की छुट्टी थी होली की. सारा अपार्टमेंट 4 दिन के छुट्टी की वजह से खाली पड़ा था. सिर्फ़ मैं और मेरे सामने वाली फ्लॅट की भाभी हम दोनो ही थे. भाभी का नाम है रंजना

भाभी एक मस्त मादक औरात है जिसे देखते ही उसे चोदने की इच्छा हो जाती है. उसका हॅज़्बंड एक मार्केटिंग का जॉब कराता है और तौर पे होता है. वैसे 6-7 महीने पहले मुझे उसको चोदने का मौका मिला और मैने उसे चोदा है लेकिन खफी समय से मौका नही मिल रहा था.

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उसके सबसे खूबसूरात उसके होन्ट और उसके बड़े बड़े बॉल है. वो टाइट त-सर या फिर टाइट कुराती पहनती है मानो लगते है के अभी कपड़े फड़के बाहर आएँगे बिल्कुल पपीते की तरह मोटे मोटे है. दोस्तों भाभी को देखते ही कोई भी सोचेगा के भाभी ने जवानी मे मज़े लूटे है और लूटती होगी.

आज होली के कलर खेलने का दिन था तो मैल अपने दोस्तों के साथ मॉर्निंग मे ही भहर कलर खेलने चला गया. कलर खेलते खेलते दोस्तों के साथ थोड़ी पे ली थी. दोपहर को करीब 3 बजे कलर खेलना ख़त्म हुआ और मैं फ्लॅट पे आया. सीडिया चाड़के जब मैं अपने टॉप फ्लोर पे पहुँचा तो भाभी सीडियो पे साफ सफाई कर रही थी. उसने टाइट रीड कॉतन पेंट और उसपे टाइट ब्लॅक टी-शर्ट पहनने थी.

उसको देखते ही मुझे उसे कलर लगाने की इछा हुई और मैने उसे दबोचा तो वो मना करने लगी मर मैने भाभी आज होली है मना नही करते कहके उसको कलर लगाना चालू किया.

वो भी ना ना वो उम्म करके के हंसते हंसते विरोध करने लगी बदन चुराने लगी और मैं उसको कलर लगा रहा था. उसका गदरया नरम नरम जिस्म और शराब का नशा मैं थोड़ा बहक गया और उसके पीछे से मैं ने दो हाथ डालते हुए उसके चहेरे को कलर लगाया और उसके भरे भरे बॉल दोनो हाथों से दबा दिए. भाभी &एम्म ज़रा भी शर्म नही आती यही पे क्या?” ये बोलते ही मैने उसे कलर लगते लगते उसके फ्लॅट मे ले गया और दरवाजा बंद कर दिया.

भाभी “अब क्या है?”

मी “होली है कलर खेलना है”

भाभी “अभी लगा तो दिया ना”

मी “पिचकारी से कलर मारना है”

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भाभी “धत्त…. अभी नही”

मी “आज ही तो कलर खेलते है. भाई या कहा है?”

भाभी ” हयद्राबाद तौर पे गये है”

ये सुनके मैने मौका अच्छा देखते हुए भाभी को पकड़ लिया

भाभी”क्या कर रहे हो?”

मी “पिचकारी से कलर खेलना है”

भाभी “कहा है पिचकारी” ये पूछ ते ही मैने भाभी का हाथ अपने लंड पे रखा

मी “ये है पिचकारी,फुल भारी हुई है”

भाभी “अभी करोगे क्या? अभी नही”

मी “तो कब?”

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भाभी “बताउन गी तुम्हे”

ये सुनते मैं फिर मौका हाथ से जाता हुआ देख भाभी को पकड़ लिया और एक किस उसके होंटो पे रख दिया. साली स्ट्रॉबेरी फ्लेवर की लिपस्टिक लगाई थी. उसके होंटो को चूसने लगा साथ मे उसका एक हाथ मैं पहले से ही अपने लंड पे रखे हुए था. उसको किस करते वक़्त मेरा लंड खड़ा होने लगा जो उसने भी महसूस किया.

अब उसका विरोध ख़त्म हो चुका था और वो भी किस करने मे साथ दे रही थी. फिर मैने उसको एक बॉल दबाना चालू किया जिसे देखते ही लंड खड़ा होता है वो खफी दीनो के बाद मेरे हाथ मे था. उसके लिप्स चूस चूस कर मैने थोड़े सूजा दिए थे स्ट्रॉबेरी फ्लेवर से उसे चूसने मे बड़ा महा आ रहा था. अब मेनिए उसको अपनी गोदी मे उठाके उसके बेड रूम मे ले गया और बेड पे पटक दिया.

भाभी ” कलर तो ढोने दो”

मी “अभी तो पिचकारी से खेलना है धोके क्या करोगी”

भाभी “अब क्या ऐसे ही करोगे” माई “भाभी आज कोलोरफुल्ल चुदाई करेंगे”

और मैने उसकी टाइट पेंट उतार दी फिर टी-शर्ट उतार दिया. अब भाभी मस्त ब्लॅक ब्रा और पैंटी मे थी. भाभी खड़ी हो गयी और मेरा टी-शर्ट और बरमूडा खोल दिया मैं भी अब सिरफ़्त ब्लॅक फ्रेंची मे था. भाभी मुझे किस करने लगी और बोली “कितने दिन हो गये मेरी याद नही आई क्या?”

मी “मे तो हमेशा तुम्हारे बड़े मे सोचता था पर तुमने भी कभी सिग्नल नही दिया”

भाभी “अरे तेरे बही तो कई दीनो से तौर पे गये ही नही”

मी “अब कितने दीनो के लिए गये है?”

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भाभी “और 4 दिन नही आएँगे”

भाभी के लिप्स और तौंग चूस्ते हुए

मी “अब चार दिन और रात तेरे को चोदूंगा”

भाभी “हाँ मेरे राजा लव यू खूब करेंगे”

भाभी की ब्रा की हुक खोल दी और उसके बॉल दबाने लगा. कुछ देर दबाने के बाद निप्पल चूसना चालू किया.

भाभी “उम्म सस्सस्स आग ला दी रीई चूस हन्ंणणन् शकइट डार्लिंग… सक….”

मैं निप्पल चूस्ते हुए एक हाथ से उसका दूसरा बॉल दबा रहा था और धीरे धीरे एक बॉल को अपने टीत से हल्का सा कांट रहा था वो मस्त हो गयी थी.

मैने उसे बेड पे लिटा दिया और उसके ऊपर आ गया. मेरा लंड अब उसकी चुत पे था और मैं उसको किस कर रहा था उसके बॉल चूस रहा था वो भी मेरी पीठ पे मेरे हिप्स पे हाथ फेयर रही थी और माउन कर रही थी. आन्णन्न् … .हो …. मस्त मस्त मेरे राजा. शकमे. शकमे….उउंम एम्म अन्न्‍णणन् हह. कांट और ज़ोर से कांट मेरे निप्पल को……उम्मानंह मस्त मज़ा देता है रे तू….. वूहह.. तेरे से चुदने का मज़ा ही कुछ और हेँ… उम्मनंह…

अब मैने भाभी पैंटी भी उतार दी मस्त गोरी चीक्कनी बिना बॉल वाली चुत मस्त फूली हुई थी.

बही “निकल तेरा भी बाहर”

मैने अपने फ्रेंची उतार दी और मेरा खड़ा लंड देख के भाभी के चेहरे पे मुस्कुराहट आई.मैं फिर भाभी पे चड़ गया और उसे दबाने लगा.

भाभी “अब बस कर और तेरा अंदर डाल दे”

मी “जी भर के तेरा रस तो पीने दे”

भाभी “पूरी रात पड़ी है मेरा रस पीने को अब रहा नही जाता डाल ना तू अंदर”

मी ” सेट करना”

भाभी “क्या सेट करू?”

मी “अंदर क्या डालना है?’

भाभी “तेरा लंड डाल ना”

भाभी ने मेरा 3 इंच मोटा लंड अपने चुत के होल पे सेट किया और बोली “एक ही झटेक मे पूरा घुसा दे” मैने भी एक जोरदार झटका दिया और कसम से दोस्तों इतने ज़ोर से दिया था के पूरा का पूरा 7 इंच भाभी के चुत मे घुस गया. भाभी चिल्ला उठी “आआईयईइगा .. आआ” और ज़ोर से मेरे को अपनी भनहो मे जकड़ लिया. मैं थोड़ा रुक गया था.

भाभी “आनह मेरे राजा ऐसे ही ढके का इंतज़ार था रे… बस ये सिर्फ़ तेरे से ही मिलता है. उम्म्म्म चोद अब मुझे ज़ोर से कांप कांप कांप चोद मुझे… मेरे राजा मस्त है रे तेरा लंड..”

मैं भाभी को ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा पाचक पाचक की आवाज़ हो रही थी. भाभी भी मस्त साथ दे रही थी. कभी अपने नाख़ून चूबती तो कभी होन्ट तो कभी कोन कटती थी मस्त चुदाई का मज़ा ले रही थी और दे रही थी.

फिर भाभी ने थोड़ा रुकने को कहा और अपने एक लेग को मेरे शोल्डर पे रखा मैने फिर पोज़िशन लिया उसके भरे भरे टाइट को पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से लंड उसकी चुत मे डालने लगा.

करीब करीब उसको 5 मिनट इस पोज़िशन मे चोदा फिर भाभी ने वापस मिशनरी पोज़िशन मे आने को बोली और नीचे से अपनी गांड उछाल उछाल के मेरा साथ देने लगी.

भाभी “हाआंन्‍णणन्. मस्त चोदता है रे तू … चोद और ज़ोर से हान्न्न सस्सस्स”

मी “भैया कैसे चोदते है?”

भाभी “उसका तो कब जाता है और कब आता है पता ही नही चलता..””

मी “भाभी तेरे के किसका लंड पसंद है?””

भाभी “तेरा रे मेरे राअज्जा हन्णन्न् … उउउफ़फ्फ़. उम्म्म्म चोद रे मेरे को”

फिर मैं रुक गया भाई बोली क्या हुआ माई “मेरा फैल होने वाला है” भाभी “अंदर ही डाल ना..,, तेरा गरम पानी….इस लिए तो टेरेसए चुदवायाआ रे मेरे राअज़ा…. उम्म ”

फिर मैने और करीब 1 मिनट उसको चोदा और मेरा गरम गरम लावा उसकी चुत मे चोदा और आखड़ी के धक्के दे रहा था तभी भाभी भी झड़ गई और मेरे पीठ मे नाइल्स ज़ोर से के
आस्क मुझे पकड़ लिया.

कुछ देर हम एक दूसरे के ऊपर ही लेते रही फिर मैं उठा भाभी भी उठी और अपनी चुत अपनी पैंटी से साफ की और बोली “चल मेरे घोड़े अब जल्दी से फ्रेश हो के आजा. और दो दिन मस्ती करनी है ना जाने फिर कब मौका मिलेगा”.

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