मे ओर मेरी प्यारी कजिन सिस्टर – हम दोनो घर मे अकेले

मेरे अलावा मेरे घर में मेरे अंकल आंटी और मेरी एक बड़ी कजिन खुश्बू है…..बात अब से 1 साल पहले की है जब मैं भी.टेक के 1st एअर कर रहा था

वैसे तो मुझमे सेक्स का बुखार माध्यमिक के वक़्त से ही चढ़ गया था पर कॉलेज जाने तक खुद को शांत करना पड़ा क्यूंकी मैं बोय्ज स्कूल से ही माध्यमिक और हे.स दिया हू. कॉलेज में तो को-एड था और लड़कियों के बगल में बैठ कर बहुत आनंद आता था…जी कराता था के किसी को पकड़ कर चोद दु पर अफ़सोस ऐसा नही हो सकता था क्यॉंके मैं एक शर्मीला क़िस्म का लड़का हू और किसी से प्यार मोहब्बत की बात करने में भी ड्ऱ लगता था.

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एक दिन एक पीरियड ऑफ था और मैं दोस्तो के साथ बालकनी में खड़ा था के एक लड़की मुझे देख कर मुस्कुराई, वो खूबसूरात तो थी लेकिन उसने हाइ पवर का चश्मा पहन रखा था जो की बड़ा ऑड लग रहा था खैर मैं भी जवाब में मुस्कुराया और फिर ऐसा ही कुछ दिन चला. एक दिन मैं बालकनी में अकेला खड़ा था के वोही लड़की अचानक मेरे पास आ गयी और मुझसे बाते करने लगी, बतो का सिलसिला बढ़ा और फिर दोस्ती हो गयी और हम लोग कॉलेज में ज़्यादा तर एक साथ रहने लगे और फिर हम लोगों की दोस्ती प्यार में बदल गयी.

मैं उसे किसी ना किसी बहाने से छू लेता था और वो मना भी नही कराती थी, एक दिन उसने मुझे पीरियड बंक करने को कहा और मुझे किसी पार्क चलने को कहा, मैं पीरियड बंक नही करना चाहता था क्यूंकी मैं हमेशा से पढ़ाई में ज़्यादा ध्यान देता हू पर उसकी ज़िद्द और मेरी हवस ने मुझे हरा दिया और हम लोग एक पार्क चले गये वहाँ पर चारो तरफ सिर्फ़ एक ही महॉल था और हम लोगों को यह सब देख कर कुछ ज़्यादा ही गर्मी चढ़ रही थी.

हम लोग एक पेड़ के नीचे बैठे थे और मैने उसे अपनी तरफ खींचा वो चली आई और मेरे कंधे पर सर रख कर अपने आप को मेरे हवाले कर दिया..मैने उसके होंठों पे किस किया और उसके बूब्स को दबाने लगा बहुत ही सॉफ्ट बूब्स थे और जब मैने उससे उसके बूब्स का साइज़ पूछा तो वो शर्मा कर 32 बोली.

खैर ऐसा करते करते हम लोग काफ़ी गरम हो गये और पता नही कैसे मेरा हाथ उसकी जाँघो के बीच चला गया और उसकी पुसी को छूने लगा और उसने मना भी नही किया…फिर किसी तरह उसके कपड़ों के अंदर से उसकी बॉडी से खेलने लगा और वो मेरे लंड से खेलने लगी पर हम खुल कर कुछ भी नही कर पा रहे थे वैसे जी तो कर रहा था के उसे वही पे लिटा कर चोद डालु पर अफ़सोस दिल गड्ढे में….खैर शाम हो रही थी अंधेरे का फ़ायदा उठा कर जितना हो सका किया पर चुदाई नही कर पाए….फिर हम लोगों ने खुद को संभाला और घर के लिए निकल गये…मैं जैसे घर पॉहोचा सीधा बाथरूम में गया और मूठ मारी.

जब मूठ मर कर मैं बाहर निकला तो कुछ शांत था और फिर मैने आंटी से पूछा के खुश्बू कहाँ है

आंटी : वो तो बाथरूम में है, क्यू?

मेरे तो होश ही उस गये, क्यूंकी हमारा बाथरूम का दरवाज़ा तो एक ही है पर उसमें दो हिस्से हैं एक पहले वॉशरूम आता है फिर लटेरिन का अलग से दरवाज़ा है पर शायद उसने यह सोच कर मैं दूर लॉक नही किया होगा के अभी तो आंटी के अलावा कोई नही है और सब से अच्छी बात तो यह थी के आंटी ने नही देखा के मैं अंदर गया हू वरना वो मुझे रोक देती या निकालने पर दाँत पड़ती पर मुझे खुश्बू का ड्ऱ था क्यूंकी लटेरिन के अंदर में बैठने के बाद एक होल से बाहर दिखाई देता है और ई थिंक के वो मेरी आक्टिविटीस देखी होगी क्यॉंके मैं मूठ मरने के साथ साथ सेक्स माउन भी कर रहा था.

मे : नही कुछ नही

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उठने में मेरी खुश्बू बाहर निकली

खुश्बू : अरे भाई आप कब आए (शराराती मुस्कुराहट के साथ)

मे : बस अभी अभी आया हू

आंटी : आते ही तेरे बड़े मे पुंछ रहा था

खुश्बू : क्यूँ भैया कुछ बोलना था क्या?

मे : नही, सब ठीक है

खुश्बू : मैने कब कहा के ठीक नही है

फिर आंटी और खुश्बू हँसने लगे और मुझे भी ज़बरदस्ती हँसना पड़ा

हमारा सिर्फ़ दो ही रूम है एक में आंटी अंकल और दूसरे में मैं और मेरी खुश्बू सोते हैं लेकिन पलंग ना होने के कारण हम लोग भाई कजिन ज़मीन पर सोते हैं और काफ़ी दूर दूर सोते हैं.

रात के वक़्त जब हम लोग बेड पर गये तो हम लोग दोनो ही खामोश थे फिर अचानक से खुश्बू बोली

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खुश्बू : भैया आप शाम को कहाँ से आए थे

मे : कॉलेज से, क्यू?

खुश्बू : नही, ऐसे ही

फिर हम लोग सो गये

दूसरे दिन मैं कॉलेज गया पर मेरी गर्लफ्रेंड नही आई पर मेरा मॅन कर रहा था आज फिर से मस्ती करने का पर निराश होकर घर लौतना पड़ा

घर पोहो चते ही पता चला के मेरी फूफी (फादर‚स खुश्बू्टर) का देहाथ हो गया है और हम लोगों को आज रात की ही ट्रेन पकड़नी है गया के लिए. सारी पॅकिंग हो चुकी थी, मुझे कुछ समान की लिस्ट दी गयी बाहर से लाने के लिए क्यूंकी हम लोगों को वहाँ 20-25 दिन रुकना था, खैर मैं सारा सामान लेकर आ गया तो पता चला के कुछ ऊपर से निकलते वक़्त मेरी कजिन टूल से गिर गयी और उसकी पैरो में मोच आ गयी और वो रोए जा रही थी, हम लोग ट्रेन के लिए लेट हो रहे थे तो अंकल ने डिसाइड किया के बाप बेटे चले जाते हैं और आंटी को खुश्बू के पास छोड देते हैं पर वो फूफी मेरी आंटी को बहुत प्यार कराती थी इसलिए आंटी ने रोते हुए जाने की ज़िद्द की तो अंकल की भी आँखो में आँसू आगये और उन्हो ने मुझे खुश्बू के साथ छोड कर आंटी को साथ लेकर चले गये.

आंटी अंकल के जाने के बाद मैने खुश्बू को खाने के लिए पूछा तो उसने रोने वाले अंदाज़ में कहा कैसे खाऊँगी बेड पर ही खाना पड़ेगा, मैं खाना ले आया और हम लोगों ने खाना ख़त्म किया और सब कुछ साइड पर करने के बाद जब मैं बेडरूम में आया तो खुश्बू फिर रो रही थी मैने पूछा

मे: क्या हुआ मेरी खुश्बू को

खुश्बू : बहुत दर्द हो रहा है मेरे पैर में

मे: रूको मैं गरम पानी लेकर आता हू

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खुश्बू : अरे कितनी मेहनत करोगे भाई

मे : अपनी कजिन के लिए तो कुछ भी करूँगा

खुश्बू : मेरा प्यारा भाई

मैं गरम पानी लेकर आया, वो सलवार कमीज़ पहनी हुई थी वैसे वो हर रोज़ सोते समय नाइटी चेंज कर लेती है पर आज नही कर पाई थी तो मैने उसे कहा तुम नाइटी चेंज कर लो तो सही से पैर मसाज कर पाऊँगा तो उसने भी हामी भारी और मुझे कपबोर्ड से नाइटी ला कर देने को बोला, मैने लाकर दे दिया और बाहर चला गया उसने लेते लेते ही किसी तरह अपने कपड़े चेंज कर लिए

खुश्बू : (चिल्लाते हुए) अंदर आ जाओ

मे : ओके

आकर मैं उसके बगल में बैठा और उसके मोच वाले पैर को पकड़ कर उसके नाइटी को घुतनो से ऊपर कर दिया, पहली बार मैं उसके पैर देख रहा था और वो भी इतने क़रीब से गोरे पैर हैं उसके और बिल्कुल क्लीन ऐसा लग रहा था जैसे दूध में डूबा कर लाए गये हो, खैर मैने एक पतले से कपड़े को पानी से भिगोया और उसके पैर को हल्का हल्का मसाज करने लगा,

मसाज करते करते मेरा लंड टाइट हो गया था क्यूंकी मुझे मेरी गर्लफ्रेंड की याद आने लगी और बाद ख़याली में उसकी नाइटी को जाँघो तक कर दिया जिससे उसकी जांघे दिखने लगी और मेरा लंड फुल्ली एरेक्ट हो गया और मैं यह भूल गया था के उसका पैर मेरी गोद में है और उसे यह एहसास होता होगा के मेरा लंड टाइट हो रहा है पर उसने कुछ कहा नही उसकी आँखे बंद थी, अब मेरे अंदर शैठान जगह चुका था क्यूंकी सवेरे से मैं हॉर्नी था और अभी ऐसा चान्स मिल रहा था तो मैं उसके जाँघ तक मालिश करने लगा और ज़्यादा तर हाथ से ही टच कर रहा था, कुछ देर के बाद वो उल्टा लेट गयी शायद उसे भी मज़ा आ रहा था पर वो कुछ नही बोल पा रही थी, पर पानी ठंडा हो चुका था तो मैने कहा के आयिल लेकर आता हू थोड़ी मसाज कर दूँगा तो तुमको रिलीफ होगा, उसने सिर्फ़ गर्दन हिला कर हामी भारी,

मैं भाग कर तेल की शीशी ले आया मेरी कजिन वैसे ही उल्टी पड़ी थी बड़ी सेक्सी लग रही थी मैने उसकी पैरों की मालिश शुरू कर दी और आहिस्ता आहिस्ता पूरे जाँघो पर मालिश करने लगा,

फिर मैं रुक गया तो वो बोली क्या हुआ भाई करो ना अच्छा लग रहा है मैने कहा हो तो गया अब कितना करू तो उसने कहा ऊपर से गिरने की वजह से पूरे कमर और पीठ में भी दर्द है भाई प्ल्स पूरे पीठ और कमर में भी मालिश कर दो ना, तो मैने कहा के इसके लिए तो तुम्हे अपना नाइटी और ऊपर करना पड़ेगा तो उसने कहा अब जहाँ तुम इतना कर रहे हो तो ऊपर भी खुद ही कर लो ना भाई…..

मैने झट से उसकी नाइटी को ऊपर किया और कहा इसे पूरा उतार ही लो वरना पूरे पीठ में नही लग पाएगा तो उसने थोड़ी जगह दी और मैने उसकी नाइटी पूरी उतार दी वो पिंक ब्रा और पैंटी में थी और बहुत ही सेक्सी लग रही थी, मैं उसकी कमर और पीठ पे मालिश करने लगा काफ़ी देर तक मालिश करने के बाद मैने कहा पूरे पीठ की मालिश तो सही से हो नही रही है तो उसने कहा क्यों?

मैने कहा यह तुम्हारे ब्रा की स्ट्रॅप जो है तो वो हँसने लगी और बोली खोल दो उसको और एक काम करो थोड़ी सी पैंटी भी नीचे करदो क्यूंकी कमर का नीचे का हिस्सा भी बहुत दर्द कर रहा है, मैने उसकी ब्रा पीछे से खोल दी और पैंटी थोड़े से सरकाने के बहाने ऐसी सर्काई के आधे से ज़्यादा गान्ड दिखाई देने लगा,

मैं मस्ती में उसकी मालिश कर रहा था और कभी कभी बहाना से बूब्स के साइड्स टच कर देता था और आस करॅक में भी उंगली दा देता था, मुझमें बहुत मस्ती चढ़ गयी थी, फिर मैने कहा खुशबू मैं थोड़ा अनकंफर्टबल फील कर रहा हू मेरे कपड़े में आयिल लग रहा है मैं अपने कपड़े उतार दु?? तो उसने कहा मैं कौन सा तुम्हारी तरफ मूह किए हुए हू उतार दो पर प्लीज़ आंडरवेयर मत उतरना, और यह कह कर हँसने लगी जवाब में मैं भी हँसने लगा………….

मैने जल्दी से सारे कपड़े उतार दिया सिवाए आंडरवेयर के, और फिर से मालिश करने लगा फिर मैं दो साइड पैर कर के उसके ऊपर हल्का सा बैठ गया और इस तरह बैठा के मेरा लंड आंडरवेयर से उस के गान्ड को टच कर रहा था मुझे बहुत मज़ा आ रहा था मैने उसे मालिश करते करते उसके पैंटी को जाँघो तक कर दिया,

मैने फिर आहिस्ता से अपने आंडरवेयर को साइड कर के अपने लंड को बाहर निकाला और उसके आस में टच करने लगा, उसे एहसास तो हुआ पर कुछ बोली नही फिर कुछ देर के बाद वो बोली भैया थोड़े हाथ में भी मालिश कर दो तो मैं एक साइड आ कर बैठ गया और उसका एक हाथ पकड़ कर मालिश करने लगा उसने अपना चेहरा उसी तरफ किया हुआ था जिस तरफ मैं बैठा था,

जब उसने आँखे खोली तो मेरा लंड को आंडरवेयर से बाहर देख कर मुझे देखने लगी और मुस्कुराया पर कुछ बोली नही और मेरे लंड को देखने लगी, फिर दूसरे हाथ को मालिश करने के लिए जब मैं उठे लगा तो उसने मुझे कहा तुम बैठ मैं घूम जाती हू और ऐसा कह कर वो घूम गयी, उसके घूमने से उसकी ब्रा खुल कर फर्श पर गिर गयी और उसके दोनो बूब्स आज़ाद हो गया और मेरी आँखे जैसे चमक गयी उसकी पुसी भी फुल्ली शेव्ड थी और बहुत ही सेक्सी लग रही थी,

मैं उसकी हाथ की मालिश करते हुए उसके बूब्स देख रहा था और वो मेरा लंड देख रही थी, अब मुझसे बर्दाश्त नही हो रहा था तो मैने उसका हाथ खींच कर अपने लंड पर रख दिया तो वो कुछ ना बोली बस मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी तब मैने अपना पूरा आंडरवेयर उतार दिया और पूरा नंगा हो गया और तरफ कर उसके बूब्स दबाने और सहलाने लगा, उसके निप्पल ना ज़्यादा छोटे ना ज़्यादा बड़े थे लेकिन बहुत क्यूट लग रहे थे गोरे बदन पे ब्लॅक निप्पल बहुत क्यूट लग रहा था,

मैने उसके निप्पल को मूह में ले लिए और धीरे धीरे चूसने लगा, वो खुश्बूकी ले रही थी और मैं एक हाथ से उसकी पुस्सी को सहला रहा था, वो पूरा पैर नही खोल पा रही थी क्यूंकी उसकी पैंटी अभी तक जाँघो में अटकी हुई थी, फिर मैने उसकी पानी पूरे तौर पर उतार दिया और उसके पैरो को फैला कर उसके पुसी को चूमते हुए चूसने लगा, बहुत मज़ा आ रहा था, ज़िंदगी में पहली बार इतना खुल कर एक लड़की के साथ कुछ कर रहा था और वो भी अपनी सग़ी कजिन के साथ,

खैर फिर मैने उसे अपना लंड चूसने को बोला तो वो अजब सा मूह बना कर बोली नही यह उल्टी कर देगा, मैने उसे समझाया और चूसने पर राज़ी किया फिर मैने उससे उस दिन के बड़े मे पूछा तो वो हँसने लगी और बोली मुझे उसी दिन आप का लंड देख कर प्यार आया था कितना मासूम और प्यारा है आप का लंड और उस दिन मैं भी अंदर में उंगली कर रही थी, मैं तो मस्ती में छ्छा गया और उसे कहा के अंदर लॉगी मेरे लंड को तो उसने कहा मैं बेसब्री से उसी पल के इंतेज़ार में हू, मैने जल्दी से तेल लिया और उसके पुसी में अच्छे से लगाने के बाद अपने लंड पर भी लगाया और फिर आहिस्ता आहिस्ता अंदर करने लगा, इट वाज़ रियली अमेज़िंग पर उसे बहुत दर्द हो रहा था, मैं अपनी कजिन को बहुत मानता हू, मैने उससे पूछा के रहने दे क्या पर वो बोली नही यह दर्द मैं झेल लूँगी क्यूंकी मुझे इसके एज का मज़ा लेना है….

पूरा अंदर जाने के बाद चुदाई शुरू हो गयी और कुछ देर के बाद वो भी बहुत एंजओए करने लगी…..मैं तो बहुत देर से एग्ज़ाइटेड था इसीलिए 10 मिनट में ही झाड़ गया और उसके बाद हम लोग उस दिन 3 बार और सेक्स किया और हर एक राउंड क़रीबन आधे एक घंटे का था….अभी बोत एंजाय्ड वेरी मच और उसके बाद जब तक आंटी अंकल नही आए हम लोग रोज़ सेक्स किया और बहुत एंजाय किया…..हाँ एक बात और यह 20-25 दिन तो मैं कॉलेज भी नही गया और मैने अपनी खुश्बू को अपनी गर्लफ्रेंड के बड़े मे बताया और उस दिन की कहानी भी सुनाई…

मेरी खुश्बू ने यह भी कहा के अगर मुझे मेरी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स करना है तो वो घर पर ले आए वो चुप जाएगी लेकिन मैने यह कह कर टाल दिया के अब गर्लफ्रेंड की तो बात ही अलग है मैं तो शादी भी ना करू क्यूंकी मुझे अब तुम्हारे साथ ही मज़ा आता है…वो यह सुनकर बहुत खुश हुई फिर हम लोगों ने किस किया और फिर से शुरू हो गये….

प्लीज़ अगर कोई लड़की या हाउसवाइफ या डाइवोर्स या विडो या कोई कजिन मुझसे अपने दुख शेयर करना चाहे तो मुझे मैल करे

और कोई लड़की बंगलोर की हो तो मुझे मैल करे मैं हमेशा हाजिर हू….

मैं खुले विचारो वाला लड़का हू.

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