बडे भाई के साथ सेक्स का मजा लूटा

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम नताशा है और मेरी उम्र 21 साल है। में भोपाल की रहने वाली हूँ। दोस्तों अब में कहानी शुरू करती हूँ, में भोपाल में बी.कॉम की स्टूडेंट हूँ और यह उस समय की बात है जब में 12वीं क्लास में थी और बहुत सेक्सी लगती थी।

मेरे कई बॉयफ्रेंड थे, लेकिन उस टाईम करण मेरा बॉयफ्रेंड था जो कि मेरे भाई अभिषेक का बहुत अच्छा दोस्त था।.

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अभिषेक को पता था कि मेरे और करण के बीच में कुछ तो चल रहा है, लेकिन वो पक्का नहीं था।

में और करण अपने रिश्तों में बहुत आगे निकल चुके थे और में उस टाईम वर्जिन थी, लेकिन लगता था कि करण ही मेरी सील तोड़ेगा।

हम रोजाना रात रातभर चैट किया करते थे और फोन सेक्स के बिना तो मुझे नींद ही नहीं आती थी। फिर एक दिन में देर रात तक करण से चैट करती रही और अपनी चूत में फिंगरिंग भी कर रही थी, में अपने पूरे जोश में थी और उस रात को मेरी चूत से बहुत ज्यादा पानी निकला।

अब में और करण सेक्स चैट में इतने डूब गए कि पता ही नहीं चला कि कब हमें नींद लग गई। मुझे रोज सुबह माँ उठाती थी, लेकिन उस दिन अभिषेक आ गया, में तो सोई हुई थी तो वो मुझे घूर-घूर कर देखने लगा।

फिर उसने मेरा मोबाईल फोन उठा लिया और मेरी चैट पढ़ने लगा,

अब में तो सोई हुई थी। फिर पूरी चैट पढ़ने के बाद उसने मुझे उठाया, अब मुझे उसके चेहरे पर एक कमीनी मुस्कान साफ दिखाई दे रही थी, लेकिन मैंने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। अब मेरा भाई और ज्यादा मुझ पर नज़र रखने लगा था, फिर एक दिन मुझे करण का कॉल आया।

करण : हाय सेक्सी, क्या कर रही हो?

में : कुछ नहीं जानू, बस तुम्हारे लंड को याद कर रही हूँ।

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करण : सच, तुम अभी मेरे घर आ जाओ, हम बहुत मस्ती करेंगे। (में पहले भी उसके घर जा चुकी थी और वो मेरे बूब्स भी देख चुका है, लेकिन अभी तक हमने सेक्स नहीं किया था)

में : ओह, इतनी जल्दी भी क्या है मेरे राजा?

करण : ओह, मेरी रानी में घर पर अकेला हूँ, आओ ना।

में : अच्छा में आउंगी तो मुझे क्या मिलेगा?

करण : वो मज़ा मिलेगा जिसके लिए तू पैदा हुई है जानेमन, आज में तेरी पूरी आग मिटा दूँगा।

में : आहाहह बस कर करण, अभी से मुझे गर्म मत कर, में अभी आती हूँ।

फिर में उसके घर गई तो वहाँ सच में कोई नहीं था, अब मुझे देखते ही उसने मुझे हग कर लिया और किस करने लगा। फिर वो मुझे उठाकर सीधे बेडरूम में ले गया और मेरे कपड़े उतारने लगा और फिर उसने बिना टाईम ख़राब किए मुझे पूरा नंगा कर दिया और खुद भी पूरा नंगा हो गया। बस फिर उसका लंड था और मेरी वर्जिन चिकनी चूत थी।

फिर मैंने उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। अब वो भी मेरे बूब्स को भूखे कुत्ते की तरह काटने लगा था। में उसके रफ सेक्स से बहुत जल्दी गर्म हो जाती हूँ,

आज तो मेरी चुदाई पक्की थी और में भी सेक्स के लिए पूरी तैयार थी। फिर में उससे बोलने लगी कि मुझे चोदो, प्लीज़ फुक मी, फुक मी हार्ड, आआहहहह मुऊऊुउऊहह्ह्ह, अब हम पूरे जोश में थे।

फिर उस दिन उसने मुझे खूब चोदा और मेरे जिस्म की पूरी आग ठंडी कर दी। करण को मेरे सेक्स के बारे में सब पता था इसलिए उसने मुझे मोड़ दिया और मेरे हाथों को बेड से बाँधकर टाईट कर दिया और मेरे मुँह मेरी पेंटी डालकर टेप से पैक कर दिया।

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फिर उसने मुझे टॉर्चर करना शुरू किया और मेरे निप्पल पर पेपर क्लिप लगा दी। फिर उसने मुझे बेल्ट से बहुत मारा, अब में दर्द से चीख रही थी, लेकिन मेरा मुँह बंद था।

फिर वो जलती हुई मोमबत्ती ले आया और उसने उस मोम को मेरे बूब्स, निपल्स, चूत सब जगह डाला और मुझे गंदी-गंदी गालीयां देने लगा, साली रंडी छिनाल, कुत्तिया की चूत से निकली और लंड की भूखी और ना जाने क्या क्या बोल रहा था? लेकिन मुझे वो सब अच्छी लग रही थी, में इतनी गर्म पहली बार हुई थी।

अब में उससे भीख माँग रही थी प्लीज़ मुझे चोदो, मुझे चोदो ना, आहहहह आआहहहह चोदो मुझे, मारो और मारो, लेकिन मेरा मुँह बँधा हुआ था तो में अंदर ही अंदर तड़पती रही, लेकिन उस हरामखोर ने लंड तो दूर की बात है अपनी एक उंगली तक नहीं डाली।

फिर वो मुझे बँधा हुआ छोड़कर कहीं चला गया और में तड़पती रही और अपने बंधे हाथों से करवटे लेती रही आहहहहहहहह आअहह प्लीज़ फुक मी। में आज तो अपने बाप का भी लंड ले सकती थी।

फिर थोड़ी देर के बाद मेरे रूम का दरवाजा खुला और कोई अंदर आया। अब मुझे लगा कि करण होगा तो में बँधे मुँह से उससे चोदने की भीख माँगने लगी। तो वो बिना कुछ बोले सीधे मेरी टांगो के बीच में आया और अपना खड़ा लंड मेरी चूत में पेल दिया।

अब मुझे कुछ अजीब सा लगा, मुझे उसका लंड थोड़ा मोटा लग रहा था, लेकिन में तो सेक्स की आग में जल रही थी और में कुछ कर भी नहीं सकती थी।

फिर उसने मुझे बड़ी बेरहमी से चोदा, फिर आधे घंटे के बाद वो झड़ गया। अब में भी तब तक दो बार झड़ चुकी थी, फिर वो उठा और अपना कंडोम निकाल कर मेरे मुँह में मारा और जाने लगा।

तो अब में वही बँधी पड़ी रही, अब मुझे काफ़ी अजीब लगा, लेकिन में क्या कर सकती थी? फिर करीब एक घंटे के बाद दरवाजा फिर से खुला तो करण अंदर आया और मुझे चोदने लगा।

अब में तो जैसे मंदिर का घंटा बन गई थी, जब करण आता मुझे बजाकर चला जाता। अब मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था, लेकिन में बँधी थी।

फिर इस बार मुझे चोदने के बाद करण ने मुझे खोला, पहले तो मैंने उससे एक ज़ोरदार थप्पड़ मारा और पूछा कि वो दूसरा लंड किसका था? लेकिन शायद मुझे उसे थप्पड़ नहीं मारना चाहिए थी, तो वो मुझे गुस्से भरी नज़रो से देखने लगा, तो अब में डर गई थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर वो एकदम से हंसने लगा और टी.वी पर एक वीडियो चला दिया, उसमें मेरी चुदाई हो रही थी।

अब में तो हैरान रह गई कि यह वीडियो किसने बनाया है? उस वीडियो में सिर्फ़ मेरा चेहरा ही दिखाई दे रहा था और करण का चेहरा धुंधला कर रखा था। फिर करण ने मेरी चुदाई की वीडियो को पीछे किया और जब वो मुझे बाँधकर चोदे जा रहा था, वहाँ से वो वीडियो लगा दी।

अब मेरी जमकर चुदाई हुई थी, लेकिन जब वो दूसरा लड़का मेरे सामने आया तो मेरी आँखे फटी की फटी रह गई, वो दूसरा लड़का और कोई नहीं अभिषेक था।

अब मेरा अपना भाई मुझे चोद रहा था, अब में डर गई थी कि यह कैसे हुआ? अब मेरे दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया था। फिर करण ने टी.वी बंद की और मेरी तरफ देखा। अब में बहुत हैरान थी।

करण : क्यों रंडी कैसा लगा मेरा गेम? तुझे बड़सम पसंद है ना और चुदवा, कैसा लगा तेरे भाई का लंड?

अब में चुपचाप सुनती रही, इतने में अभिषेक भी रूम में आ गया, अब वो मुझे देखकर हंस रहा था। अब मुझे सब समझ में आ गया कि यह सब इसी का ही प्लान है।

अभिषेक : ज्यादा मत सोच मेरी रांड, तुझे गुलाम बनाने की यह बहुत बड़ी प्लानिंग थी। मैंने उस दिन जब तेरे मैसेज पढ़े तो में तभी समझ गया था कि तू चुदने के बिल्कुल तैयार है। फिर जब करण ने मुझे बताया कि वो हमेशा के लिए दिल्ली शिफ्ट हो रहा है, तब मैंने यह प्लान बनाया।

करण : सच नताशा, तेरा भाई बहुत कमीना है और मुझसे बोला कि भाई जाते जाते एक रंडी को मेरा गुलाम बना जा, तो ले भाई अभिषेक आज से ये रांड हमेशा के लिए तेरी गुलाम है, तू जो चाहे वो कर अब यह कुछ नहीं कर सकती है।

फिर वो दोनों मेरी इस हालत पर हंसने लगे और मुझे खूब गालीयां दी। अब तो में उन दोनों की गुलाम रखेल बन चुकी थी ।।

धन्यवाद …

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