कोलेज लाइफ़ मे सेक्स का मजा कुच ओर ही होता हे…

दोस्तों मेरा नाम नीलम है और मै एक कॉलेज मे पढ़ती हु |

 

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मै अव्वल दर्जे की बिंदास लड़की हु और सारे लडको को अपने तलवों के नीचे रखती हु; लेकिन मै शुरू से ऐसी नहीं थी |

 

मै एक निहायत ही शरीफ परिवार से हु और मेरे अभिभावक सपने मे भी किसी के साथ गलत करने का भी नहीं सोच सकते है |

 

उन्होंने ने भी मुझे अपने जैसे ही शिक्षा दी है और मेरा कभी किसी से बैर नहीं था |

स्कूल तो मेरा, सही सलामत निकल गया; लेकिन कॉलेज के शुरुवाती दिनों मे जो मेरे साथ हुआ, उसने मुझे पूरा बदलकर रख दिया |

 

जब मै कॉलेज मे आयी थी, तो मैने रैगिंग के बारे मे काफी सुना था, लेकिन मै खुशकिस्मत थी कि मुझे इसका सामना कुछ दिन तक तो नहीं करना पड़ा | कुछ दिनों बाद हालात बदल गये और उन हालातो ने मुझे भी बदलकर रख दिया |

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मेरे हॉस्टल मे, मेरी एक सीनियर थी सीमा; वो हमारी भाषा मे लड़कियों की गुंडी थी और सारी लड्किया उसे डरती थी |

 

जब उसकी नज़र मुझ पर पड़ी, तो उसने मेरा जीना हराम कर दिया | उसका आशिक भी लडको का गुंडा था और कॉलेज के बड़े आदमी का बेटा था, तो उसको कोई कुछ भी नहीं बोलता था |

 

एक रात सीमा ने, मुझे बुलाया और काम करने को कहा, मैने किसी आज्ञाकारी बच्चे की तरह वो काम कर दिया | सीमा ने खुश होकर मुझे वापस भेज दिया और अगले दिन रात मे भी आने को बोला |

 

मुझे लगा, कि अगले दिन भी कोई छोटा-मोटा करवा कर वो मुझे भेज देगी और खुश हो जाएगी |

 

लेकिन, जब मै उसके कमरे मे पहुची, तो उस दिन का नज़ारा ही बदला हुआ था |

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कमरे मे काफी सारे लड़के और लड़की जमा थे और किसी के कुछ भी नहीं पहना हुआ और सब के सब नंगे एक दुसरे से चिपके हुए थे और गोला बनाकर उसको घेरा हुआ था | अब मुझे वास्तव मे डर लगने लगा था |

 

जब मै वहा पहुंची, तो सीमा खुश होकर बोली, आ जा बच्ची! तेरा हमारे गेंग मे स्वागत है और फिर मुझे अपने कपडे उतारने को बोला |

 

 

मुझे डर लगने लगा था, तो मै वापस जाने लगी | दरवाजा बंद हो चुका था और चिल्लाने का कोई फायदा नहीं था |

 

वहा पर मेरी ही क्लास का एक लड़का सुमित नंगा होकर नीचे सर किये बैठा था | जब मैने कपडे नहीं उतारे, तो सीमा ने जबरदस्ती मेरे कपडे उतार दिये और मुझे पूरा नंगा कर दिया और मुझे सुमित के साथ बैठा दिया |

 

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हम दोनों के शरीर को चिपका दिया गया; मेरे चुचे सुमित की छाती मे धसे हुए थे और उसका सुकड़ा हुआ हँ छोटा सा लंड मेरी चूत पर लग रहा था |ये सब मेरे लिए नया था और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था |

 

सीमा को समझ आ गया था, कि हम दोनों ही चुतिया है और हमें कुछ नहीं मालूम |

 

सीमा ने हम दोनों के मुखड़ो को देखा और बोला, सालो को पहले ब्लूफिल्म दिखानी पड़ेगी, उसके बाद ये हमें ब्लूफिल्म दिखायेंगे | फिर, हम दोनों एक कुर्सी पर बैठा दिया गया और सब लोगो हमें घेरकर खड़े हो गये |

सीमा और उसका बोयफ्र्न्द हमारे सामने थे |

 

सीमा का शरीर बहुत ही मस्त था और वो किसी नंगी हुसुन की मल्लिका लग रही थी और उसका बॉयफ्रंड भी एक मजबूत शरीर का मालिक था और उसके बड़े शरीर के सामने सीमा का रूप मस्त लगा रहा था |

वो दोनों एकदूसरे के पास आगये और उन दोनों के होठ आपस मे जुड़ गये और वो बड़े ही कामुक तरीके से एक दुसरे को चूमें और चूसने लगे |

 

उनको की साँसे गरम हो चुकी थी और भाई तेज चल रही थी और उनकी ओ…आआआआअ…….ऊऊछ्ह्ह … से पूरा कमरा गूंज रहा था |

सब लोग उनके इस कामुक अंदाज़ से गरम होने लगे थे और अब सब एक दुसरे से चिपकने लगे |

 

सुमित के लंड ने भी खड़ा होना शुरू कर दिया | अब हमारे चारो ओर, लड़के और लड्किया आपस मे लगे हुए थे और पुरे कमरे मे संभोग का कामुक माहौल था |

 

ये सब देखकर मेरी चूत मे भी खुजली होने लगी और मैने सुमित की जांघ को कसकर पकड़ लिया |

सुमित ने मेरा हाथ खीचा और हम दोनों के होठ भी जुड़ गये और हम एक दुसरे को चूसने लगे | फिर, सुमित ने एक दो पोर्न्फिल्म देखी होगी, तो वो उसको याद करके मुझे चोदने लगा |

 

उसने मुझे जमीन पर लिटा दिया और मेरे चूचो को चुसना शुरू कर दिया और मेरा शरीर भी मस्ती मे कसमसाने लगा और मेरे भूरे निप्पल मस्ती मे खड़े हो गये |

 

उसने उनको चूस-चूसकर लाल कर दिया और फिर उसने दुसरे लडको को देखा, तो वो सब लड़कियों की चूत को चाट रहे थे और कुछ ६९ कर रहे थे वो घुमा और ६९ मे मेरी चूत को चाटने लगा और अपने लंड मेरे मुह के आगे कर दिया और मैने भी हिम्मत करके उसका लंड चुसना शुरू कर दिया |

हम दोनों की गांड मज़े मे हिल रही थी | तब तक सब जगह चुदाई का प्रोग्राम चालू हो गया था | सुमित मेरे ऊपर आ गया और उसने अपना लंड मेरी चूत के ऊपर रगड़ना शुरू कर दिया और मुझे मज़ने लगा और मैने अपनी गांड हिलाना शुरू कर दिया |

इतने मे, सुमित ने पीछे से एक हाथ महसूस किया और सीमा के बॉयफ्रंड ने उसे पीछे हटा दिया और उसे सीमा के पास भेज दिया और बोला, नए और करारी सील खोलने का हक़ केवल मुझे है |

 

सुमित बेचारे का मुह लटक गया, लेकिन सीमा उसके पास आयी और बोली बच्चे चिंता क्यों कर रहा है? अगर लड़कियों को पहली बार वो चोदता है, तो लडको के लंड को चोदने का हक़ सिर्फ मुझे है | फिर, सीमा का बॉयफ्रंड मेरे ऊपर आ गया और उसने अपना लंड मेरी चूत पर घिसना शुरू कर दिया और मुझे और भी मज़ा रहा था, क्योकि उसका लंड सुमित के लंड से भी बड़ा था |

 

फिर, उसने एक ही झटके साथ, अपना लंड मेरी चूत मे घुसा दिया और मेरी चिक निकल गयी और वो बड़े मज़े से मेरी चूत को चोदने लगा | उसका लंड मेरी चूत मे पूरा समा गया था और हवा के लिए भी जगह नहीं बची थी |

मेरी दर्द के मारे मेरी जान निकल रही थी और मुझसे उसका लंड सहन नहीं हो रहा था | फिर भी, वो साला हरामी मेरी चूत चोदने को तैयार नहीं था |

 

लेकिन, कुछ देर बाद मुझे मज़ा आने लगा और उसके लंड के मेरी चूत अन्दर रहते हुए, पता नहीं मै कितनी बाद झड गयी और मेरा वीर्य मेरी चूत के खून के साथ मिलकर मेरे सारे शरीर पर, उसके लंड पर और जमीन पर फैल गया |

कुछ देर बाद, उसकी गांड भी तेज चलनी शुरू हो गयी और एक झटके के साथ, एक गरम पिचकारी मेरी चूत की दीवारे से टकराने लगी | मेरी चूत अन्दर से जल उठी और मेरे अपनी चूत को अपनी टांगो से बंद कर लिया |

 

वो बंदा अपना लंड अभी तक निकाल नहीं पाया था और उसका लंड मेरी चूत मे, बिलकुल फस गया था | उसने मुझे एक कसकर थप्पड़ मारा और दोनों हाथो से जोर लगाकर, मेरी टाँगे खोल दी और अपना लंड निकाल लिया |

 

उसके लंड का पूरा पानी रिस चुका था और मेरे ऊपर से उठ गया |

 

दूसरी तरफ, सुमित को भी सीमा ने पूरा मज़ा दिया, लेकिन सीमा को मज़ा नहीं आया और उन्होंने सुमित को अपने गेंग मे आने से मना कर दिया |

 

सीमा के बॉयफ्रंड ने मुझे पास कर दिया अब मै उनके गेंग की मेंबर बन गयी और अब एक दम बिंदास बन गयी |

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