मैंने अपनी नौकरानी के साथ सेक्स किया…

हेल्लो फ्रेंड्स! आई ऍम बेक विथ माय न्यू स्टोरी. पहले तो में आप सब को शुक्रिया अदा करना चाहूंगा कि आप सब ने मेरी पिछली कहानियो को पसंद किया और मुझे कई लोगो के कमेंट्स भी आये.

 

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आप सब का बहुत बहुत शुक्रिया. दोस्तों मेरा नाम करन है और में एक प्लेबॉय हु. यह कहानी मेरी और मेरी नौकरानी कि है. उसका नाम ऋतू ( बदला हुआ नाम) है. दोस्तों बात तब कि है जब में अपनी ग्रेजुएशन करने के लिए कानपूर गया हुआ था.

मैंने कॉलेज में अपना एडमिशन करवाया और रहने के लिए रूम ढूँढने लगा. मुझे रूम कॉलेज से थोड़ी दूर मिला. लगभग ५ या ६ किलोमीटर दूर था रूम मेरे कॉलेज से.  खैर मैंने वो रूम ले लिया और स्टडी करने लगा.

 

में साइकिल से कॉलेज जाता था फिर वहां से आकर खाना बनाता था और बाकी काम जैसे रूम साफ़ करना, सामान लाना और स्टडी भी करता था तो में बहुत थकने लगा.

 

जब मैंने अपनी प्रॉब्लम अपने एक दोस्त को बताई तो वो मुझे बोला कि तू एक नौकरानी रख ले. मुझे उसका आईडिया पसंद आया. और मैंने अपने लैंडलॉर्ड से इसके बारे में बात कि. तो उसने एक नौकरानी का जुगाड़ मेरे लिए कर दिया. और फिर वो नौकरानी मेरे सब काम करने लगी.

कुछ दिन बाद उसने मुझे बताया कि खाने का सारा सामान ख़तम हो रहा है. तो मैंने उससे कहा तुम एक लिस्ट बना लो और कल मेरा कॉलेज ऑफ़ है तो कल तुम मेरे साथ सिटी चलना और हम सारा सामान ले आयेंगे.

 

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उसने ठीक है कहा और उसने समान कि लिस्ट बना ली.

अगले दिन में उसे लेकर सिटी गया. हम बस में सिटी गए थे. फिर हम ने घर का सामान ख़रीदा और फिर वापिस जाने के लिए बस का वेट करने लगे. कुछ देर बाद बस आई पर वो बस पूरी तरह से भरी हुई थी. हम दोनों भी उसी बस में चढ़ गए.

कोई भी सीट खाली नहीं थी तो हमे खड़ा ही होना पड़ा. वो मेरे आगे थी पर कोई जगह न होने कि वजह से में मै उससे चिपक कर खड़ा था. मेरा लंड बार बार उसकी गांड से रगड़ रहा था. में गरम होने लगा था.

 

और मेरा लंड खड़ा हो गया था. और शायद उसकी गांड में चुभने लगा था. शायद नहीं पक्का क्यूंकि उसने  एक बार पीछे मुड़ के देखा पर  कुछ कहा नहीं.

खैर फिर हम घर आ गए. उस वक़्त रात में ८ बज रहे थे. मैंने उसे कहा तुम आज रूम पर ही रुक जयो बहुत देर हो गयी है तो वो मेरी बात मान गयी. फिर उसने खाना बनाया और हम ने खाना खाया.

 

और घर के और कामो में लग गयी. अब मेरी नज़र उसके ऊपर थी और में बस येही सोच रहा था कि उसको कैसे मनायु चुदने के लिए. फिर मुझे एक आईडिया आया.

मैंने उससे कहा कि क्या तुम मेरे पैर दबा दोगी क्यूंकि सुबह से चलने कि वजह से मेरे पैरो में बहुत दर्द हो रहे है तो उसने कहा ठीक है और वो तेल लेने चली गयी.

जब तक वो तेल लेकर आई मैंने अपने सारे  कपडे उतार दिए और अंडरवियर भी उतर दिया  और सिर्फ बरमुडा पहन लिया. वो तेल लेकर आई और मेरे पैरो कि मालिश करने लगी.

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उसके हाथो ने जैसे ही मेरे पैरो को छुआ मुझे करंट सा लगा. और मेरा लंड बेचैन होने लगा. थोड़ी देर में वो पूरा खड़ा हो गया. अब मेरा लंड बरमुडे में से साफ़ खड़ा हुआ दिख रहा था.

वो भी बार बार उसे देख रही थी. अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था. और मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने ऊपर खिंच लिया और उसे किस करने लगा. वो कहने लगी यह गलत है. और मुझे धक्का देने लगी.

 

पर मैंने भी उसे कस कर पकड़ रखा था. उसने अपने आप को चुदाने कि बहुत कोशिश कि पर में कहाँ मानने वाला था. और अब में उसके होठो को चूसने लगा. अब वो भी गरम होने लगी थी. फिर मैंने उसके सारे कपडे उतर दिए. और अपना बरमुडा भी उतार दिया. उसने मेरे लंड को देखा और अपनी आँखे बंद कर ली.

मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपना लंड उसके हाथ में पकड़ा दिया . पर उसने हाथ हटा लिया. मैंने गुस्से में २ थप्पड़ उसे मारे. और अपना लंड उसके मुह में घुसेड दिया. वो रो रही थी पर में कहा रुकने वाला था.

 

में उसका मुह्ह चोद रहा था और अपने हाथो से उसकी चूची मसल रहा था. बहुत मज़ा आ रहा था मुझे यह सब करने में.

 

करीब १५ मिनट बाद में उसके मुह में ही झड गया. उसने तुरंत मेरे लंड का रस थूक दिया. फिर में उठा और उसी तेल से उसकी मालिश करने लगा. पैर पर, हाथ पर, चूची पर सब जगह.

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फिर मैंने उसकी चूत खोल कर उसमे अपनी ऊँगली घुसा दी.. वो सिस्या उठी ऊउय्य्य्य…. ईई… आःह्ह्ह…. म्मम्म……

फिर में उसकी चूत को चाटने लगी और अपनी ऊँगली को अन्दर बाहर करने लगा. १० मिनट में उसका हाथ मेरे सिर के ऊपर आ गया. अब वो भी पूरी तरह से गरम हो चुकी थी.

 

फिर में उठ कर खड़ा हो गया और उसके ऊपर चढ़ कर ६९ कि पोजीशन में आ गया. और अपना लंड उसके मुह में घुसा दिया. पर इस बार उसने मेरा लंड चूसा अपनी मर्ज़ी से और बहुत अच्छे से अब वो भी पूरे मूड में आ गयी थी. और मैंने भी उसकी चूत को अपनी जीभ से चोदना शुरू किया.

१० मिनट बाद वो अकड़ने लगी तो में समझ गया कि वो झड़ने वाली है. इसलिए में और तेज़ी से चूत चाटने लगा. फिर वो झड़ने लगी और में उसका सारा रस पी गया.

 

फिर में उठा और जाकर उसके पैरो के बीच खड़ा हो गया. और मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया. वो फिर से गरम होने लगी और कहने लगी अब देर मत करो जल्दी से मुझे चोद दो.

 

पर में उसे और तडपना चाहता था इसलिए में अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ता रहा. कुछ देर बाद उसकी चूत गीली होने लगी तभी मैंने एक ज़ोरदार शॉट मारा. और मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया और वो म्मम्म….. अहहः… करने लगी.

मैंने फिर से एक शॉट मारा. इस बार मेरा लंड उसकी चूत में ज़ड तक घुस गया था. वो कराह उठी आःह्ह्ह…. म्मम्मम….. साआआआआ…. ह्ह्हह्ह्ह्ह….. पर में कहा मानने वाला था.

 

में दनादन उसे चोदता रहा. उसने अपने पैर मेरी कमर पर बांध लिए और मुह से और तेज़ी से म्मम्मम्म…. साआआअ…. ह्ह्ह्हह…. मज़ा आ रहा ह आआअह्ह्ह्ह… aaahhhhh…. म्मम्म…. और उधर में भी उसे दकादक चोदे जा रहा था.

 

फिर मैंने उसे खड़ा किया और उसके पैर उठा कर पीछे से अपना लंड उसके छेद में घुसा दिया और उसे ज़ोरदार तरीके से चोदने लगा.

 

१५ मिनट बाद वो झड गयी पर में उसे चोदता रहा. फिर उसने कहा बस करो अब मुझे जलन हो रही है. तो मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया.

 

लेकिन मेरा अभी पूरा नहीं हुआ था क्यूंकि वो तो कई बार झड चुकी थी पर मेरा क्या में तो अभी तक एक ठीक से झाडा भी नहीं था. फिर मुझे उसकी गांड कि याद आई और मैंने उसे कुतिया कि पोजीशन में कर दिया और तेल लेकर उसकी गांड में लगाने लगा.

 

वो मना  करने लगी कि बहुत दर्द होगा. मैंने कहा धीरे धीरे करूँगा तुम्हे कोई दर्द नहीं होगा.  पर वो मान ही नहीं रही थी. मेरे बहुत मनाने पर और समझाने पर कि तुम्हे भी मज़ा आएगा में प्यार से करूँगा वो राज़ी हुई.

मैंने पहले उसकी गांड में एक उंगली डाली वो अह्ह्ह्हह…. ह्ह्हह्ह्ह्ह… करने लगी तो मैंने उसका मुह तकिये पर रखवा दिया और अपने लंड पे तेल लगाया और लंड को गांड के छेद पर फिट किया और धीरे से धक्का मारा.

मेरे लंड का सुपाडा उसकी गांड में घुस गया. वो ईई… म्मम्म…. मर्र्र… गयी… बाहर निकालो… इसी… कर के चिल्ला उठी. फिर में थोडा रुका और  उसकी चुचियो को सहलाने लगा.

 

थोड़ी देर में उसे आराम मिला. और मौका देखते ही फिर मैंने एक ज़ोरदार शॉट मारा.

 

और मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया. वो आआअ….. आआआआअ……. मार्र्र… गयीईईईइ…. चिल्लाने लगी.

उसकी आँखों से आंसू बहने लगे. वो रो रही थी. पर में फिर भी नहीं रुका. और उसे चोदता रहा. थोड़ी देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा. और उसने भी अपनी गांड हिलाने शुरू कर दी.

 

और फिर थोड़ी देर में मै उसकी गांड में ही झड गया. फिर हम दोनों नंगे ही चिपक कर सो गए. में जब तक कानपूर रहा रोज़ उसे चोदता था और वो भी जमकर और खुल कर मुझ से चुद्वाती थी. हम दोनों पुरे मजे किये वह पर. फिर मेरी पढाई पूरी हो गयी.

 

और में वापिस अपने घर आ गया. पर में वो चुदाई के दिन कभी नहीं भूल सकता. बिना किसी डर के और बिना किसी के रोके अपने रूम पर अपनी नौकरानी कि चुदाई.

तो दोस्तों केसी लगी मेरी स्टोरी मुझे जरुर बताइयेगा. में इंतज़ार करूँगा आप लोगो की कमेंट्स का….

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