इंडियन किशोरी के हसीन चुदेले सपने

इंडियन किशोरी का अन्जान के बारे में सेक्स फैंटेसी।

हेलो दोस्तों मैं हूं अलका, एक इंडियन किशोरी, क्या आपको पता है कि इंडियन लड़कियां कितनी शर्मीली होती हैं।

 

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जी हां वैसे मैं भी बहुत शर्मीली हूं पर जब से जवान हुई हूं, गांड धोते समय अपने हाथ में आ जाने वाली रेशमी झांटों को सहला सहला कर कितनी आहे भर रही हूं सिरफ मैं ही जानती हूं।

 

तो ये है कि अपने गांड को धोते समय सरक के चूत में चली जाने वाली उंगली के साथ ही जो सिस्कारियां मैं मारती हूं कि उन्हें अगर आप सुन लें तो सच में उत्तेजित होकर के झड़ जाएं।

 

कमाल का यह वासना का खेल खेलने के लिए मुझ जैसी कंवारी इंडियन किशोरी के पास लंड जैसा कोई साधन नहीं है।

 

हां मैने किताबों में पढा, भाई के मोबाइल से एमएमएस देख कर यह जाना कि चूत बनी होती है लंड जैसे किसी चीज के लिए जिसको कि चोदने के लिए दमदार होना जरुरी है। पर घर में इतनी पाबंदियां है कि  मैं किसी से चोदवा नहीं सकती, पर क्या करु।

 

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जानती हूं कि यह बहुत मजेदार चीज है, और इसके लिए मैं कुछ भी कर सकती हूं, पर एक मौका मिलना चाहिए, सही मौका, सही जगह पर सही आदमी के साथ और फिर देखिए मेरी सभी वासनाएं पूरी होते हुए।

 

और एक इंडियन किशोरी के तौर पर मैं कल्पना करती हूं, कल्पना में कोई भी हो सकता है पर हां मुझे अपरिचितों के बारे में कल्पना करना ज्यादा सेफ लगता है क्योंकि वो वापस लौट के आपके घर नहीं आएंगे, आपको फोन नहीं करेंगे और न मिलने पर धमकाएंगे नहीं। इसलिए मैं इस बात को लेकर के बड़ी कान्सस रहती हूं।

 

इंडियन किशोरी के तौर पर मेरी पहली फैंटेसी जिसको कि मैं बता दूं वो है एक हसीन लड़के के बारे में जो मुझे कालेज से वापस आते समय बस में मिला था। मेरी सीट पर बैठा हुआ वो लड़का कितना गबरु जवान था।

 

उसके चेहरे से नूर टपकता, नौजवान जैसे कि उपर से उतरा गुलफाम हो।

 

उसके गोरे चिट्टे रंग और पठानी कद काठी को सोच कर मैने अपनी आंखें बंद कर लीं थीं।

 

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मुझे अपनी चूत की रेशमी झांटों को सहलाने का मन हुआ तो हैंड्पर्स अपने पैरो पर रख कर के मैने अपनी पाजामी की डो्री ढीली कर ली।

 

तिरक्षी नजरों से अपने सपनों के राजकुमार को देखते हुए मैने एक हाथ अपने पाजामी में डाल लिया।

 

अब मेरी उंगलियां पैंटी के अंदर मेरी कोरी कंवारी चूत से खिलंदड़ी करने लगीं। अगले स्टाप पर उठ के जाते समय तक मैं उस लड़के के नाम पर अपनी चूत को गीली कर चुकी थी।

 

एक इंडियन किशोरी में सच में वो दीवानापन आप तभी और उसी उम्र में ला सकते हैं। इस प्रकार से आज भी जब मैं अकेले होती हूं तो सोचती हूं, कि कोई अन्जान, या फिर वो लड़का अपने लंड को ताने हुए आता है।

 

मैं अपने मुह पर मुखौटा लगा के बैठी हूं जिससे कि वो मुझे पहचान न पाए।

 

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वैसे भी आखिर मैं हूं क्या एक देह के सिवा इसलिए मुझे इस्तेमाल करने के लिए मेरी पहचान करने की जरुरत नहीं है।

 

वो आता है ये सोच कर कि मैं एक रंडी हूं और अपनी पूरी ताकत से मुझे चोदने के लिए मेरे बाल पकड़ता है और पहले मुझे एक जबरी सा किस देता है। मुझे मजा आ रहा है क्योंकि मैं उसे पहचान रही हूं।

पर वो नहीं पहचान पा रहा है कि यह वही इंडियन किशोरी है जो मुझे बस में मिली थी।

 

और इसलिए मैं उससे ज्यादा मजा ले रही हूं।

 

सच ये है कि जब मर्द किसी औरत को प्यार करने लगते हैं तो वो उसे चोदने में बहुत सख्ती नहीं बरत पाते और यह कमी गैर मर्दही पूरी कर सक्ते हैं।

 

यह सब बातें मैने लायब्रेरी में रखी कामसूत्रा को धीरे से पढ के जानी थी।

 

तब से मेरे मन में प्रचंड सेक्स करने की इच्छा घर कर चुकी थी।

 

एक इंडियन किशोरी को यह सब बातें करते सुन कर के आपको अजीब लग सकता है पर सच तो ये है कि इससे आपको बहुत आश्चर्य जनक बातें पता चलने वाली हैं।

 

आगे मेरी कल्पना की उड़ान यह कहती है कि जब वो मेरे होठों पर किस दे चुका होता है, वो अपना लन्ड तान कर मेरे मुह के पास रख देता है।

 

मानो एक चुनौती हो कि कुछ करके दिखाओ। मैं उसने सुपाड़े को अपने होठों से पकड़ते हुए मसूड़ों की सहायता से हल्का दबाव देती हूं तो वह एकदम मस्ताने लगता है।

 

उसे लगता है कि अब उसे मजा आने वाला है।

 

 

और अपने सपनों के लंड को अपने मुह में पाकर मैं उसे चूसती हूं पूरी शिद्दत के साथ पूरी सयानियत से। पर मेरा राजकुमार तो मेरे मुह को चोदने में पूरी सख्ती बरत रहा है, हाय, कौन रोके उसे और कौन न चोदने दे।

 

ऐसा लग रहा है वह भांप गया है कि मैं एक इंडियन किशोरी हूं।

कठोर सेक्स की चाहत

वह मेरा चेहरा अप्ने हाथों में पकड़ कर के पूरे जोर से अपने लंड को अंदर ठेल देता है और धकाधक पेलते हुए अंदर बाहर करने लगता है।

 

मेरी सांसे रुक जाती हैं पर कोई उपाय नहीं वह तब तक नहीं छोड़ता जब तक कि वो झड़ नहीं जाता।

 

बोरिंग के पानी की तरह एक फव्वारे की तरह उसका वीर्य मेरे गले में जाता है और मेरे पेट को भर देता है। हालांकि ये संभव नहीं रियल लाइफ में पर कल्पनाओं में तो संभव ही है।

 

मैं कल्पना करती हूं कि उसके वीर्य से मेरा मुह पूरा भरा हुआ है, जब वो लंड बाहर खीचता है उसकी पिचकारी मेरे शरीर को भी नहला देती है।

 

मुझ जैसी खूबसूरत इंडियन किशोरी का पूरा शरीर वीर्य और वीर्य से ढंका हुआ है। मैं अपने शरीर को चाट्ना प्रारंभ करती हूं और वो फिर मेरे चूंचे पर अपने लंड को रगड़ने लगता है।

 

सच कहूं तो मेरी प्यास अभी बुझी नहीं है।

 

मैं फिर से उसके लंड को पकड़ लेती हूं और अपने चूंचों के बीच में, फंसाकर अपने जीभ को नीचे करके उसके सुपाड़े को चाटती हूं।

 

इस बार चूंचा फक की बारी है।

 

चूंचो के बीच चुदाइ और फिर साथ में मु्खमैथुन का मजा देकर मैं पुन: उसके लन्ड को उफान पर ला देती हूं।

 

ऐसी इंडियन किशोरी की क्या कहने, लोग यकीन नहीं करेंगे पर मेरी कल्पनाएं इससे कहीं आगे जाती हैं।

 

जब उसका लंड पुन: खड़ा हो जाता है तो मैं अपने लिए नये सपने बुनती हू।

 

पढिये ये हसीन सपने मेरी डायरी मे इंडियन किशोरी के हसीन सपने चुदेले।

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