लाजवंती की लाज का घूंघट..

दोस्तों मैं आजाद आप सबको ये सेक्सी कहानी सुनाने जा रहा हूं। ये कहानी लाजवंती की है।

 

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लाजवंती जो  हमारी नौकरानी थी, अक्सर अपनी मां के न आने पर वो हम दो दोस्तों के वनरुम फ्लैट में साफ सफाई और खाना बनाने आ जाती। वो बड़ी शर्मीली थी और बड़ी कंटाप।

 

साली उसके आगे तो हमारी डीयू वाली लौंडिया भी फीकी दिखतीं थी।

 

उसकी बत्तीस चौबीस बत्तीस की साईज और जीरो फिगर करीना जैसी, मेरे लंड को खड़ा कर देती।

 

जब वो किचेन में खड़ा होकर आंटा गूंथती मैं उसके हिलते हुए गांड को देख कर मूठ मार लेता।

 

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वैसे एक दिन जब मैं बाथरुम से निकला तौलिया लपेटे तो वो कमरे में झाड़ू मार रही थी मैने जान बूझकर  तौलिया खोल दिया और उसकी नजर मेरे छह इंच के लटके हुए लौड़े पर पड़ गयी जो खड़ा होने पर आठ इंच का हो जाता है।

 

लाजवंती ने अपनी नजरें शरम से नीचे न झुंकायीं बस एकटक देखती रही।.

 

मैं समझ गया, इसे भी एक अदद लंड की दरकार है। जब वो किचेन में थी, मैने उसे जाकर पकड़ लिया।

 

पीछे से उसके कमर में हाथ डालकर मैने उसके गरदन पर अपना चुम्मा लगाते हुए उसे भींच लिया था। वह कसमसाई और बोली साहब छोड़ दो प्लीज ये सब क्या कर रहे हो कोई देख लेगा और मुझे बहुत शरम आती है।

 

मैने कहा मेरी जान लाजवंती बेबी यह बंद कमरा है, यहां कोई नहीं आएगा, तूने मेरा लंड देखा था बहुत पसंद आया तुझे मुझको पता है। वो बोली छी कितने गंदे हो दिखा कर ऐसी बातें करते हो।

मुझे छोड़ दो वरना मैं शोर मचा दूंगी, कभी नहीं आउंगी, लेकिन इन सब बातों में उलझाए रखकर मैने उसका सलवार खोल दिआ था।

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नीचे ढलक चुकी सलवार को जब वह उठाने को झुकी मैने उसकी पैंटी खोल दी और अब उसकी गोरी गांड मेरे खड़े लंड के सामने थी।

 

मैने सिर्फ तौलिया पहना हुआ था और उसी समय जब वो झुकी, गांड का छेद नजर को नुमाईश हुआ। यह कहानी आप मेरी सेक्सी नौकरानी लाजवंती की सुन रहे हैं

मैने अपना लंड का सुपाड़ा निशाना भिड़ा कर उसकी गांड पर रक्खा और एक दमदार धक्का मार दिआ। लंड अंदर धंस गया।

 

लाजो चारो खाने किसी कुतिया की तरह गिर पड़ी। अब वो कुतिया स्टाइल में थी और उसकी गांड में लंड अंदर घुस चूका था।

 

मैने उसके बाल पकड़ लिये थे, वो चिल्ला रही थी लेकिन अब मजे आने का वक्त था।

 

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मैने कहा लाजवंती रुक तेरे को इसका बराबर पैसा मिलेगा और फिर धक्के मारते हुए चोदता रहा उसकी इंडियन देसी गांड को।

 

पंद्रह मिनट इस तरह गांड मारने के बाद मैने उसे किचेन प्लेटफारम पर बिठा कर उसकी गोरी टांगे खोलीं और सामने से अपना आठ इंची लंड ठोंक दिया और उसके चूंचों को पकड़ कर पीता रहा।

 

उसके चूंचे एकदम गोल गोल और कंवारी किशोरियों की तरह थे।

 

चूसते हुए ही मैने उसके चूंचो के काले निप्पल्स पर अपने दांतों के हल्के हल्के निशान दिये और चोदते हुए उसको दो बार लगातार झड़ा दिया।

 

उसके चूत से निकला कामरस किचेन प्लेटफारम के संगमरमर पर देखा जा सकता था।

 

लाजो की टाईट चूत मारकर मैने अपना दिन सफल किया और उसका लाज का घूंघट उतर चुका था।

 

अब वो कमरे में झाड़ू पोंछा से पहले मेरा लंड साफ करती है।

 

कैसी लगी कहानी दोस्तों आप लोगों को जरुर शेयर करना और अपनी नौकरानी की चुदाई की कहानी जरुर सुनाना।

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