एक लौड़े से दो चूतों की चुदाई

 

चूत दनादन मधु निकाले जा रही थी, धक्के लगते तो काफी सारा मधु चूत से बाहर छलक आता, बड़े ज़ोरों की फच्च फच्च फच्च फच्च की आवाज़ें आने लगी थीं।
जब तगड़ा धक्का लगता तो फ़चाक फ़चाक फ़चाक आवाज़ आती।

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रेखारानी के माथे पर पसीने की छोटी छोटी बूंदें उभर आईं थीं, उसके चेहरे पर चरम आनन्द के भाव दिख रहे थे, वो मेरी कमर में बाहें कस के लपेटे, टांगों में टाँगें फंसाये चुदवाये जा रही थी।

तभी अचानक रीना रानी की मदहोशी टूटी, उसने पलट कर चुदाई होते हुए देखी तो रेखारानी से बोली- हाय हाय बुआ… बहनचोद क्या मज़े में चुदे जा रही है… मुझको तो चूचियाँ मसल मसल के झाड़ दिया और खुद लौड़ा लिए मस्त पड़ी है… सुन राजे, तू पलटी लेकर नीचे आ जा… चुदक्कड़ बुआ ऊपर हो जाएगी तो मैं इसकी गांड मार दूंगी…चल कमीने फटाफट से पलट ले.

 

रेखा ने अपने मुंह से चिपके हुए मेरे मुंह को थोड़ा सा हटाकर कहा- राजे पलट ले… वैसे मेरा दिल तो असली में गांड मरवाने का भी हो रहा है, लेकिन चलो पहले वाइब्रेटर से ही सही।

मैंने रेखा की चूत में लण्ड घुसाये घुसाये ही उसको कस के बाँहों और टांगों में लिपटाया और उसके साथ चिपके हुए ही मैंने गुलाटी मारी जिससे मैं नीचे हो गया और रानी मेरे ऊपर आ गई।
मैंने फिर से उसका सिर पकड़ के उसके गुलाबी होंठ अपने होंठों से चिपका लिए और आनंदमय होकर उसके मुखरस का पान करने लगा, जो वो सांस छोड़ती उसी में मैं सांस लेता।

रेखा का शरीर बहुत गर्म हो गया था, उसके चूचे एकदम सख्त होकर तने पड़े थे और मेरी छाती में दो शूलों की भांति गड़े जा रहे थे, चूत उसके नशीले मधु से भरी हुई थी, लौड़ा चूत में खूब पिच्च पिच्च कर रहा था।
तभी रेखारानी के बदन में एक तज लहर सी दौड़ी और रीना की आवाज़ आई- अभी गांड मारती हूँ बुआ तेरी… पहले इस प्यारी सी गांड के छेद को चाट के तर कर दूँ… मादरचोद रांड की गांड कितनी खूबसूरत है… हाय हाय हाय… पुच्च पुच्च पुच्च… ले कमीनी मेरी जीभ का कमाल देख।
रीना रानी ने उसके चूतड़ पकड़ के ठीक से सेट किए और जीभ निकाल के उसकी गांड चाटने लगी.

रेखा का बदन थरथरा उठा ज्यों ही रीना रानी ने गांड को चाटना शुरू किया।

रेखा रानी की गांड वाकई में बहुत सुन्दर है, मैं खुद भी कई बार गांड मारने से पहले चाट चुका हूँ।

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रेखा ने मेरे मुंह से होंठ हटा कर सिर पीछे को किया और एक मस्ती से चूर किलकारी भरी, मेरे हाथ उठाकर अपने मम्मों पर रख दिए और बोली- राजे तोड़ दे इन चूचों को… हाय… हाय… मैं मर जाऊं… राजे, बहुत मज़ा आ रहा है… आह्ह आह्ह्ह आअह्ह्ह… राजे प्लीज़ कचूमर निकल दे इन हरामजादों का.. आआ आआ… रीना बहन की लौड़ी तेरी माँ को कुत्ते चोदें… चाटे जा कमीनी यूँ ही चाटे जा!

मैंने पूरी ताक़त से रेखा रानी के मर्दों को पागल कर देने वाले चूचे निचोड़ना प्रारम्भ कर दिया।

आज बहनचोद इनकी चटनी बना कर ही दम लूंगा… ज़ोर ज़ोर से मैंने उसके काले काले मोटे मोटे निप्पल उमेठे, कभी दायें कभी बाएं, कभी ऊपर कभी नीचे… कभी उनको मैं ज़ोर से बट देता तो कभी उनको दम लगा के खींच देता।
कामोत्तेजना के वशीभूत रेखा रानी बार बार कंपकंपा रही थी, मुझे और रीना रानी को गालियाँ बक रही थी, चूतड़ उछाल उछाल कर तगड़े धक्के लगाने की चेष्टा कर रही थी।

अचानक एक हल्की सी जूं जूं जूं की आवाज़ आई और रेखारानी एक झटका लेकर तड़प उठी।
रीना रानी ने उसकी गांड में वाइब्रेटर घुसा दिया था।

वाइब्रेटर की झन झन झन मेरे लौड़े में भी महसूस हुई जिसके महा आनन्द से मेरे बदन में भी बिजलियाँ दौड़ने लगीं।

 

रेखारानी तो उत्तेजना से मानो बौरा ही गई थी, उसके मुंह से लार टपकने लगी थी और उसकी आँखें चढ़ गई थीं जैसे अफीम की खुमारी हो।
उसने अपने चूतड़ पूरे ऊपर उठा लिए जिससे लण्ड का सिर्फ टोपा चूत में रह गया और फिर वो चूतड़ घुमा घुमा के लण्ड की सुपारी को मथने लगी।

इधर रीना रानी ने वाइब्रेटर की स्पीड फुल पर कर दी।

अब तो रेखारानी चिल्लाई- रीना बहनचोद कुतिया… आज क्या जान लेकर रहेगी मेरी… हाय हाय हाय… आआहहहहा.. और ज़ोर से ठोक गांड में… फाड़ दे गांड आज… साली… आआहा… आआहहहा…

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उत्तेजना की सीमा तक पहुँची हुई रेखा की चूत से मधु के मोटे मोटे गर्म गर्म थक्के लौड़े पर गिरने लगे जिनकी गर्मी से मैं भी बहुत ज़्यादा भड़क गया, वाइब्रेटर तेज़ तेज़ जूं जूं जूं किये जा रहा था और रीना रानी उसको एक लण्ड की तरह गांड में अंदर बाहर कर रही थी।
वाइब्रेटर का लगातर इतना तेज़ कम्पन मेरे लण्ड को बेकाबू किये जा रहा था, अब मेरे स्खलित होने में अधिक देर न थी।

तभी रेखारानी ने हुम्म की आवाज़ के साथ चूतड़ धड़ाक से बड़ी तेज़ी से नीचे पटके कि लौड़ा फिर से चूत में जड़ तक जा घुसा। रानी के चूत प्रदेश और मेरे लण्ड प्रदेश की फच्च की आवाज़ के साथ एक ज़ोरदार टक्कर हुई, जिस से लण्ड का सुपारा सीधा जाकर रानी की बच्चेदानी के निचले भाग में ठुका।
रेखा रानी फिर भी चूतड़ और नीचे घुसाने की कोशिश करती रही जैसे कि लौड़े को अपने भीतर समा लेना चाहती हो।
फिर उसने हचक हचक के चूत को लण्ड के गोल गोल घुमाना शुरू किया।

जैसे ही उसने अपने नितम्ब दुबारा ऊपर उठाकर लण्ड को सुपारे तक बाहर किया कि रीना रानी ने पूरी ताक़त से वाइब्रेटर को उसकी गांड में सूड़ दिया।
चरम आनंद की प्राप्ति होते ही रेखा रानी यूँ झड़ी जैसे कोई पटाखा फटा हो, चूत के मधु के बड़े बड़े लौंदे एक गरम बौछार जैसे लौड़े पर गिरे और लण्ड को पूरी तरह से सान दिया।

 

वाइब्रेटर पर अभी भी रीना रानी फुल स्पीड पर पिली हुई थी।

 

रेखा रानी अर्ध मूच्छित सी होकर मेरे ऊपर गिर पड़ी।

 

लण्ड और चूत के बीच दोनों का सारा बदन चूत रस से पूरी तरह से तर था।

 

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एक तेज़ झुरझुरी मेरी रीढ़ से होती हुई टट्टों तक अचानक से दौड़ी, हुंकार भरते हुए मैंने दन दन दन कई ज़ोरदार धक्के लगाये और धम्म से झड़ा, तुनक तुनक के लण्ड ने ढेर सारा लावा रेखारानी की मदमस्त चूत में उगल दिया।

 

मैंने हांफते हुए कहा- रीना रानी… अब बंद कर वाइब्रेटर को… ये भी झड़ गई और मैं भी।

 

अब बहन की लौड़ी क्यों बैटरी फूंक रही है… हरामज़ादी तूने आज मस्त कर दिया अपनी मादरचोद बुआ की गांड मार के… रुक ज़रा कमीनी कुतिया… अभी तेरी चूत की खबर लेता हूँ।

 

रीना रानी ने वाइब्रेटर बंद कर दिया और उसे रेखारानी की गांड से निकाल लिया।

उसने रेखा रानी को धकेल के मेरे ऊपर से उतारना चाहा लेकिन वो तो चुदाई के नशे में मदहोश थी, वो कहाँ रीना रानी जैसी नाज़ुक सी लड़की से हिलती।
मैंने आहिस्ता से रेखारानी को बाँहों से पकड़ के अपने ऊपर से उतारा और बाज़ू में हौले से लिटा दिया, फिर मैंने रीना रानी से कहा- चल अब तू मेरा लौड़ा अच्छे से साफ़ कर.

फिर अपनी लौड़ाखोर बुआ की चूत साफ करना… बहनचोद बहुत मज़ा आएगा… लावा के स्वाद के साथ साथ तेरी बुआ के अद्वीतीय मधु का भी स्वाद मिलेगा… चल चाट जल्दी से नहीं तो सब सूख जायेगा।

रीना रानी चहकते हुए बोली- हाँ राजे… ये अमृत जैसा माल तो मैं कभी भी बर्बाद न होने दूंगी… साले मैं तो खुद ही इस कुतिया को तेरे ऊपर से हटा रही थी ताकि अच्छे से चाटूं… ये बहन की लौड़ी ऐसे पड़ी है जैसे जान ही न हो…हिली तक नहीं।

मैंने कहा- मादरचोद, अब बक बक बंद कर और चाट के साफ़ कर जल्दी से… जीभ को चाटने के लिए इस्तेमाल कर… बकड़ बकड़ करने के लिए नहीं… खबरदार जो कुतिया के मुंह से आवाज़ निकली…

रीना रानी ने झट से लौड़ा चाटना शुरू किया जैसे कोई छोटा बच्चा लॉलीपॉप खुश होकर चूसता है उसी प्रकार रीना रानी मेरा वीर्य और चूत मधु से सना हुआ लण्ड चाट रही थी, बड़े प्यार से उसने टट्टे हौले से थामकर लण्ड की सुपारी साफ़ की, फिर लण्ड को ऊपर से लेकर जड़ तक चाटा, फिर झांटें चाटीं और अंत में बारी बारी से एक एक टट्टा मुंह में लेकर धीरे धीरे जीभ घुमा घुमा कर चाट के साफ कर दिया।
इसके बाद रीना रानी ने मेरी जांघें और झांटों के ऊपर का बदन चाट के चकाचक साफ़ कर दिया।
रीना रानी की मस्त चुसाई से लण्ड फिर से अकड़ गया। लेकिन अभी तो उसको पहले रेखारानी की चूत प्रदेश भी साफ़ करना था।
रेखारानी की चूत से मधु बेहिसाब निकलता है, परन्तु गाढ़ा होने के कारण टपकता नहीं है। अपनी सगी बुआ की चूत भी रीना रानी ने खूब आनन्द लेते हुए चाटी।

इतनी देर में उसके शरीर पर लगा हुआ माल कुछ कुछ जमने लगा था, किन्तु रीना रानी सब कुछ मज़े लेते हुए चाट गई।

 

जब पूरी सफाई हो चुकी तो रीना रानी बोली- राजे…यार बुआ की चूत का रस तो सचमुच बहुत ही ज़्यादा स्वादिष्ट है… मैंने अपना जूस भी कई बार चखा है, और जूही का भी बहुत चूसा है लेकिन बुआ का बहुत ही ज़्यादा टेस्टी है…

मैंने रीना रानी को खींच के लिपटा लिया और कहा- नहीं रानी तेरा जूस भी कुछ कम टेस्टी नहीं है… तू इस बात को लेकर ज़्यादा सोच मत… मस्त चुदाई किये जा.. बस… जूही का भी जूस बहुत मस्त है कुतिया.

एकदम दारू की बोतल जैसा नशा देता है…कहते कहते मैंने रीना रानी की गोरी गोरी चूचियाँ हौले हौले दबानी शुरू कर दीं।
कहानी जारी रहेगी।row]

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